वाराणसी, 4 जनवरी 2026:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सिगरा स्थित स्टेडियम में 72वीं नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का वर्चुअल उद्घाटन किया। हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने देशभर से आए खिलाड़ियों और काशीवासियों का अभिवादन किया। इस दौरान उनका बनारसी अंदाज सबको भाया। जमकर तालियां बजीं और मोदी जिंदाबाद के नारे गूंज उठे।
काशी के सांसद के रूप में प्रधानमंत्री ने कहा कि आप सभी खिलाड़ी कड़ी मेहनत के बाद नेशनल स्तर तक पहुंचे हैं। आने वाले दिनों में काशी के इसी मैदान पर आपकी मेहनत की परीक्षा होगी। उन्होंने वॉलीबॉल को साधारण खेल नहीं बताते हुए कहा कि यह नेट के इस पार और उस पार संतुलन, सहयोग और संकल्प शक्ति का खेल है। हम तभी सफल होते हैं, जब अपनी जिम्मेदारी को पूरी गंभीरता से निभाते हैं। देश भी इसी भावना के साथ आगे बढ़ रहा है, स्वच्छता से लेकर डिजिटल पेमेंट, ‘एक पेड़ मां के नाम’ और विकसित भारत के निर्माण तक। More: thehohalla news

पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत की ग्रोथ और अर्थव्यवस्था की पूरी दुनिया में प्रशंसा हो रही है। यह आत्मविश्वास खेल के मैदान में भी साफ दिखाई देता है। वर्ष 2014 के बाद से अलग-अलग खेलों में भारत के प्रदर्शन में लगातार सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि जब Gen Z के खिलाड़ी खेल के मैदान में तिरंगा फहराते हैं, तो पूरे देश को गर्व महसूस होता है। एक समय ऐसा भी था, जब खेलों को लेकर सरकारी स्तर पर उदासीनता थी और खिलाड़ियों को अपने भविष्य की चिंता रहती थी। https://thehohalla.com/national-volleyball-championship-begins-with-excitement/
प्रधानमंत्री ने अपने बनारसी अंदाज में काशी से जुड़ी बातों को एक सूत्र में पिरोते हुए कहा कि बनारस खेलों की समृद्ध परंपरा वाला शहर है। यहां कुश्ती, अखाड़े, नौका दौड़ और कबड्डी जैसे खेल हमेशा से लोकप्रिय रहे हैं। काशी ने देश को कई राष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। बीएचयू, यूपी कॉलेज और काशी विद्यापीठ जैसी संस्थाओं के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप के दौरान बनारस का जोश देखने लायक रहेगा। खिलाड़ियों को उत्साह बढ़ाने वाले दर्शक मिलेंगे और काशी की आतिथ्य परंपरा को जीने का अवसर भी मिलेगा। आज यहां देश के 28 राज्यों की टीमें एकत्र हुई हैं और यह एक भारत-श्रेष्ठ भारत की सुंदर तस्वीर पेश कर रही हैं।

अंत में उन्होंने बनारसी कहावत के जरिए खिलाड़ियों से कहा हमारे बनारस में कहा जाता है, बनारस के जानय के चाहत हऊवै तो बनारस आवै के पड़ी। आप सब अब बनारस आ गए हैं, तो बनारस को जान भी जाएंगे। हमारा बनारस खेल प्रेमियों का शहर है।






