लखनऊ, 11 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित राजभवन परिसर में बनी गोशाला में तीन गोवंशों की मौत से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया। शुरुआती जांच में पेट के कीड़े मारने वाली दवा की अधिक मात्रा दिए जाने से मौत की आशंका जताई गई है। इस गंभीर लापरवाही के मामले में पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उमाकांत जायसवाल और पशुधन प्रसार अधिकारी सौरभ गुप्ता को निलंबित कर दिया गया है।
राजभवन गोशाला में कुछ समय पहले एक बछिया और दो बछड़ों की तबीयत बिगड़ गई थी। उसके बाद तीनों की मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पोस्टमार्टम कराया गया और विस्तृत रिपोर्ट राजभवन प्रशासन द्वारा पशुपालन विभाग को भेजी गई। इसके साथ जांच समिति ने पूरे प्रकरण की पड़ताल की।
जांच समिति की रिपोर्ट में पशुओं के उपचार में घोर लापरवाही की बात सामने आई। रिपोर्ट के आधार पर पहले दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्य से हटाया गया और अब शासन स्तर से उन्हें निलंबित कर दिया गया। साथ ही राजभवन गोशाला में नए पशु चिकित्साधिकारी की नियमित तैनाती के आदेश भी जारी किए गए हैं।
पशुपालन निदेशक (रोग नियंत्रण) डॉ. राजेंद्र प्रसाद के मुताबिक प्रारंभिक स्तर पर ही दोनों अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप स्पष्ट हो गए थे। इसके चलते कार्रवाई की गई। फिलहाल गोशाला में दूसरे चिकित्सक की तैनाती कर दी गई है। पशुओं की सेहत पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
इस बीच प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने सर्दी के मौसम को देखते हुए सभी गोशालाओं को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सभी गोशालाओं में पर्याप्त मात्रा में चारा, दवाइयों और पशुओं के उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सभी मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सर्दी के कारण किसी भी पशु को नुकसान न पहुंचे, इसके लिए चौकसी बढ़ाई जाए और पुख्ता इंतजाम किए जाएं। राजभवन की इस घटना ने एक बार फिर सरकारी गोशालाओं में पशु देखभाल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।






