लखनऊ, 11 जनवरी 2026:
यूपी सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। इस क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) ने दिव्यांग युवाओं को विशेष कौशल प्रशिक्षण देने के लिए 38 विशिष्ट कंपनियों के चयन का निर्णय लिया है। इन कंपनियों के माध्यम से दिव्यांग युवाओं को उनकी जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद जिलों में विशेष रोजगार मेलों का आयोजन कर उन्हें रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ा जाएगा।
व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल के मुताबिक राज्य सरकार का उद्देश्य दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके लिए कौशल प्रशिक्षण को सबसे प्रभावी माध्यम माना गया है। उनके मुताबिक सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दिव्यांगों के लिए तीन प्रतिशत आरक्षण अनिवार्य किया गया है। प्रशिक्षण प्रदाताओं को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आवंटित सीटों में कम से कम तीन प्रतिशत सीटों पर दिव्यांग युवाओं को प्रवेश दिया जाए।
उन्होंने कहा कि सामान्य प्रशिक्षण केंद्रों पर दिव्यांग छात्रों को कई बार आवश्यक सुविधाएं और अनुकूल वातावरण नहीं मिल पाता। इससे उन्हें प्रशिक्षण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए यूपी कौशल विकास मिशन ने विशिष्ट कौशल प्रशिक्षण कंपनियों के सहयोग से दिव्यांगों के लिए अलग और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया है। इन कार्यक्रमों में उनकी शारीरिक आवश्यकताओं, सुविधाओं और सीखने की क्षमता का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इससे किसी भी तरह की बाधा उनके प्रशिक्षण में न आए।
यूपी कौशल विकास मिशन के तहत वर्ष 2025-26 में कुल 86,238 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस हिसाब से कम से कम 2,587 दिव्यांग युवाओं को प्रशिक्षण मिलना आवश्यक है। हालांकि कई जिलों में अभी तीन प्रतिशत का यह अनुपात पूरा नहीं हो पाया है। इसे पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
दिव्यांग युवा यूपी कौशल विकास मिशन की आधिकारिक वेबसाइट https://www.upsdm.gov.in पर जाकर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। वेबसाइट पर राज्य परियोजना मॉनीटरिंग इकाई और जिला परियोजना मॉनीटरिंग इकाइयों के एमआईएस प्रभारियों के नाम व मोबाइल नंबर भी जिलावार उपलब्ध हैं। इसके अलावा युवा अपने जिले के कौशल विकास केंद्रों पर सीधे संपर्क कर भी प्रशिक्षण के लिए प्रवेश ले सकते हैं। यह पहल प्रदेश में दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।






