लखनऊ, 11 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को बेहतर और आसान सुविधा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को अब पूरी तरह डिजिटल बनाया जा रहा है। फरवरी 2026 तक इस योजना की सारी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी, जिससे किसान परिवारों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उन्हें घर बैठे ही मदद मिल सकेगी।
राजस्व परिषद के मुताबिक योजना के डिजिटलीकरण का काम तेजी से चल रहा है। इसके लिए एनआईसी की मदद से नया वेब पोर्टल और सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है। इस पोर्टल के जरिए आवेदन, दस्तावेज अपलोड, जांच, मंजूरी और भुगतान की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।
पहले किसान सिर्फ आवेदन ऑनलाइन कर पाते थे, लेकिन बाकी काम कागजों और दफ्तरों के जरिये होता था। इससे लोगों को परेशानी होती थी। अब सारी प्रक्रिया एक ही प्लेटफॉर्म पर होगी, जिससे समय बचेगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
राजस्व परिषद ने बताया कि दिसंबर 2025 तक इस योजना के तहत करीब 29,394 किसानों के आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। सबसे ज्यादा आवेदन लखनऊ मंडल से आए हैं, जहां 3,569 मामलों को मंजूरी मिली है। इसके बाद गोरखपुर मंडल में 3,143, अयोध्या में 2,491 और कानपुर मंडल में 2,436 आवेदन स्वीकृत हुए हैं।
मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना की शुरुआत साल 2019 में की गई थी। इस योजना के तहत अगर किसी किसान की दुर्घटना में मौत हो जाती है या वह स्थायी रूप से दिव्यांग हो जाता है, तो उसके परिवार को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाती है।
सरकार का कहना है कि इस डिजिटल पहल से किसानों को बड़ा फायदा होगा। वे घर बैठे आवेदन कर सकेंगे, अपनी फाइल की स्थिति देख सकेंगे और मुआवजे की रकम सीधे उनके बैंक खाते में पहुंचेगी। सरकार का मकसद है कि कोई भी पात्र किसान इस योजना के लाभ से वंचित न रहे और जरूरत के वक्त उसे फौरन मदद मिल सके।






