Uttarakhand

उत्तराखंड की पावर सेक्टर योजनाओं पर यूजेवीएन का फोकस, बैठक में बना ये मास्टरप्लान

यूजेवीएन लिमिटेड की बोर्ड बैठक में मानव संसाधन पुनर्गठन, नई और चल रही जलविद्युत परियोजनाओं, तकनीकी समूह गठन और नियामक मुद्दों सहित कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई

योगेंद्र मलिक

देहरादून,13 जनवरी 2026:

उत्तराखंड में उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (UJVNL) यानी यूजेवीएन लिमिटेड के निदेशक मंडल की 132वीं बोर्ड बैठक सोमवार को सचिवालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तराखंड शासन के मुख्य सचिव और यूजेवीएन लिमिटेड के अध्यक्ष आनंद वर्धन ने की। इस दौरान निगम के मानव संसाधन, परिचालन, नई और चल रही परियोजनाओं सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में निगम के स्थायी और अस्थायी पदों के पुनर्गठन के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही नई परियोजनाओं के तकनीकी आकलन और मार्गदर्शन के लिए विशेषज्ञ तकनीकी समूह के गठन को भी मंजूरी मिली। यह समूह परियोजनाओं की तकनीकी व्यवहार्यता, डिजाइन और क्रियान्वयन से जुड़े सुझाव देगा। यह समूह पिथौरागढ़ में प्रस्तावित 114 मेगावाट की सेला उर्थिंग जलविद्युत परियोजना, 102 मेगावाट की मोरी त्यूनी परियोजना और अन्य परियोजनाओं पर आवश्यकतानुसार कार्य करेगा।

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निदेशक मंडल ने मनेरी भाली द्वितीय चरण के जोशियाडा बैराज के डाउनस्ट्रीम में जल प्रवाह कम करने से जुड़े कार्यों की संशोधित लागत और प्रशासनिक स्वीकृति को भी मंजूरी दी। इसके अलावा मोरी त्यूनी परियोजना के लिए परामर्श सेवाएं लेने के प्रस्ताव पर सहमति जताई गई। 300 मेगावाट क्षमता वाली लखवाड़ परियोजना के विद्युत यांत्रिक कार्यों के लिए अद्यतन लागत और संशोधित प्रशासनिक स्वीकृति को भी मंजूरी मिली।

बैठक में चमोली जिले की 3 मेगावाट क्षमता वाली उर्गम लघु जलविद्युत परियोजना के पुनरोद्धार के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और निवेश योजना को मंजूरी दी गई। 72 मेगावाट की त्यूनी प्लासु परियोजना में विद्युत यांत्रिक उपकरणों की स्थापना के लिए निविदा आमंत्रित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई। वहीं पिथौरागढ़ जिले में श्यामखोलागाड़ नदी पर प्रस्तावित 12 मेगावाट की तांकुल परियोजना के सिविल डिजाइन और इंजीनियरिंग कार्यों के लिए वित्तीय मंजूरी प्रदान की गई।

निदेशक मंडल ने उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग के 2025 के विनियमों में बैटरी आधारित ऊर्जा भंडारण टैरिफ और ट्रेडिंग मार्जिन से जुड़े प्रावधानों पर समीक्षा याचिका दायर करने की अनुमति दी। सौर परियोजनाओं की वाणिज्यिक संचालन तिथि में विस्तार न मिलने से जुड़े मुद्दे पर भी आयोग में समीक्षा याचिका दाखिल करने को मंजूरी दी गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के विद्युत उत्पादन का विवरण भी रखा गया, जिसके अनुसार निगम के विद्युत गृह अपने लक्ष्य से 84 मिलियन यूनिट अधिक उत्पादन कर चुके हैं।

इस बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा डॉ आर मिनाक्षी सुंदरम, सचिव वित्त दिलीप जावलकर, इंदु कुमार पांडेय, बी पी पांडेय, पराग गुप्ता, यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ संदीप सिंघल, निदेशक परियोजनाएं सुरेश चंद्र बलूनी, निदेशक परिचालन ए के सिंह, अधिशासी निदेशक सुधाकर बडोनी सहित आशीष जैन और विवेक आत्रेय भी उपस्थित रहे।

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