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महोत्सव का समापन, योगी ने कहा…मच्छर व माफिया से मिली मुक्ति तो खिल उठा गोरखपुर

गोरखपुर में छह विभूतियों को दिया गोरखपुर रत्न सम्मान, सीएम ने दिया विरासत और विकास का संदेश, मैथिली ठाकुर के भजनों पर बजाई ताली

गोरखपुर, 13 जनवरी 2026:

गोरखपुर महोत्सव का समापन मंगलवार को रामगढ़ताल के सामने स्थित चंपा देवी पार्क में भव्य आयोजन के साथ हुआ। समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की और विरासत के साथ विकास के भरोसे को और मजबूत करने का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने छह विभूतियों को गोरखपुर रत्न सौंपा तो मैथिली ठाकुर के भजन सुने।

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सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर आज सिर्फ धार्मिक पहचान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कला, संस्कृति, खेल, विज्ञान, खेती और रोजगार के क्षेत्र में भी नई मिसाल कायम कर रहा है। बीते कुछ सालों में जिले ने तेज तरक्की की है और लोगों के जीवन में साफ नजर आने वाला बदलाव आया है। पहले गोरखपुर को पिछड़ेपन से जोड़ा जाता था, लेकिन अब यहां विकास की नई तस्वीर दिख रही है। सड़कों से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार तक हर क्षेत्र में काम हुआ है। साथ ही स्थानीय कला और संस्कृति को भी बढ़ावा मिला है।

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साल 2017 से पहले देश आगे बढ़ रहा था, मगर गोरखपुर विकास में पीछे छूट गया था। 2017 के पहले और आज के गोरखपुर में जमीन आसमान का अंतर देखने को मिलेगा। यहां गुंडराज था माफियाराज था। विकास नहीं था। बिजली नहीं थी। गंदगी थी। गंदगी से मच्छर थे। ये मच्छर और माफिया एक दूसरे के पूरक हैं। इंसेफ्लाइटिस का जिक्र करते हुए कहा कि जब समाज स्वच्छता के प्रति जागरूक नहीं होता है तो ऐसा ही होता है। इसका खामियाजा बीमारी के रूप में भुगतना पड़ता है। गोरखपुर तो माफियाराज और गुडों के लिए कुख्यात हो चुका था। हर दूसरे-तीसरे दिन एक दंगा होता था। व्यापारी-उद्यमी गुंडा टैक्स देते थे। नौजवानों को पलायन के लिए मजबूर होना पड़ता था। बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। मगर डबल इंजन की सरकार ने परिवर्तन कर दिया। ऐसा ही परिवर्तन अयोध्या में भी हो रहा है।

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गोरखपुर में 8 साल में हजारों करोड़ का निवेश हुआ है और 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। जिन्हें रोजगार मिला है,अगर नहीं मिलता तो आखिर वे भी कहीं बाहर जाते। अब उन्हें अपने घर के पास रोजगार मिला है। मकर संक्रांति यहां का सबसे बड़ा आयोजन होता है। लाखों लोग देश के अलग अलग भागों से यहां आते हैं। महोत्सव के माध्यम से उत्साह व उमंग का नया संचार होता है। सांसद रविकिशन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने इस महोत्सव को रोजगार महोत्सव बना दिया है। भोजपुरी विधा के कलाकारों के लिए गोरखपुर महोत्सव बहुत बड़ा मंच है।

बता दें गोरखपुर महोत्सव की शुरुआत 11 जनवरी को हुई थी। तीन दिन तक चले इस आयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक कला, पर्यटन से जुड़ी झांकियां और रोजगार से जुड़े स्टॉल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। आज समापन के दिन भी लोक गायिका मैथिली ठाकुर ने तालियां बटोरीं। उन्होंने पहले भजन ले चल अपनी नगरिया अवध बिहारी सांवरिया, सरयू के तीर अयोध्या नगरी, सत्य भरे जहां गगरिया। इसके बाद सोहर लालना लाल होईहे हो सोहर गाया। उनकी प्रस्तुति लोगों को खूब पसंद आई। सीएम खुद भजन सुन ताली बजाते रहे।

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मुख्यमंत्री ने इस मौके पर अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने वाले छह लोगों को गोरखपुर रत्न सम्मान से नवाजा। सम्मान पाने वालों में पैरा बैडमिंटन के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शिवम यादव, हैंडबॉल की अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अनन्या यादव, पर्वतारोही नीतिश सिंह, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रोफेसर शरद मिश्रा, प्रगतिशील किसान अविनाश कुमार मौर्य और समाजसेवी आशीष श्रीवास्तव शामिल रहे।

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