योगेंद्र मलिक
देहरादून, 16 जनवरी 2026 :
उत्तराखंड में धामी सरकार के नेतृत्व में चल रहा “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम जनता और सरकार के बीच सीधे संपर्क का काम कर रहा है। यह कार्यक्रम लोगों की समस्याओं का जल्दी समाधान करने में प्रभावी साबित हो रहा है और प्रदेश में अच्छे शासन, पारदर्शिता और जवाबदेही का उदाहरण पेश करता है।
328 कैम्प और 2,54,137 नागरिकों की सहभागिता
14 जनवरी 2026 तक प्रदेश के 13 जनपदों में कुल 328 शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इन शिविरों में अब तक 2,54,137 नागरिकों ने भाग लिया। 15 जनवरी को 2 नए कैम्प आयोजित किए गए, जिनमें 2,730 नागरिकों ने प्रतिभाग किया। यह आंकड़ा कार्यक्रम की व्यापक पहुंच और जनता के विश्वास को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।
प्रार्थना पत्र और शिकायतें क्या हैं?
कार्यक्रम के दौरान अब तक 26,814 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए हैं। इनमें से 26,722 प्रार्थना पत्र पूर्व दिवस तक और 92 आज के दिन प्राप्त हुए। कुल 18,166 प्रार्थना पत्र शिकायत श्रेणी के रहे, जबकि आज 43 नई शिकायतें दर्ज की गईं।
निस्तारण की स्थिति क्या है?
अब तक कुल 36,753 प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया जा चुका है। इनमें से 71 प्रकरण आज के दिन निस्तारित किए गए। इसके अतिरिक्त, विभिन्न जनपदों में 1,38,011 नागरिकों को योजनाओं और सेवाओं से लाभ प्रदान किया गया, जिसमें आज 370 नए लाभार्थी शामिल हुए। यह त्वरित कार्यप्रणाली और जवाबदेही का प्रमाण है।
जनपदवार प्रमुख उपलब्धियाँ क्या हैं?
हरिद्वार जनपद में सर्वाधिक 52,930 नागरिकों ने सहभागिता की और 10,846 प्रकरणों का समाधान हुआ। उधम सिंह नगर में 25,193 नागरिकों ने हिस्सा लिया और 3,624 मामलों का निस्तारण हुआ। नैनीताल में 8,943 नागरिकों ने प्रतिभाग किया और 1,825 प्रकरण निस्तारित किए गए। देहरादून में 35,893 नागरिकों ने शिविरों में भाग लिया और 1,638 मामलों का समाधान हुआ। अल्मोड़ा में 31,741 नागरिकों ने भाग लिया और 5,307 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। पिथौरागढ़ में 11,503 नागरिकों ने सहभागिता की और 2,790 मामलों का समाधान हुआ। चमोली में 7,431 नागरिकों और उत्तरकाशी में 20,059 नागरिकों ने भाग लिया, जिनमें क्रमश: 1,029 और 3,468 मामलों का निस्तारण किया गया। बागेश्वर, चम्पावत, टिहरी, पौड़ी और रुद्रप्रयाग में भी बड़ी संख्या में शिकायतों का त्वरित समाधान हुआ।
मुख्यमंत्री का संदेश और आगे की योजना क्या है?
मुख्यमंत्री धामी ने सभी जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को लंबित शिकायतों के निस्तारण में तेजी लाने और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक योजना नहीं है, बल्कि सरकार की संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जनता के प्रति जवाबदेही का प्रतीक है। उनका मानना है कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान प्रदेशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का कार्य करता रहेगा।






