Hardoi City

छोटे भाई की साली को दिल दे बैठा…ससुराली बने दीवार तो ट्रेन से कटकर दोनों ने दी जान

हरियाणा स्थित फैक्ट्री में काम करता था अविवाहित बड़ा भाई, ससुरालियों को नहीं पसंद था बेटी से मिलना-जुलना, कर रहे थे शादी की तैयारी, इसके बाद प्रेमी-प्रेमिका जीजा साली ने लिया जान देने का फैसला

हरदोई, 16 जनवरी 2026:

हरदोई में अविवाहित जीजा और छोटे भाई की साली से चल रहे प्रेम प्रसंग का खुदकुशी के साथ अंत हो गया। दोनों हाथ पकड़कर ट्रेन के सामने खड़े होकर खुदकुशी कर ली। तेज रफ्तार ट्रेन के गुजरते ही दोनों के शरीर के चीथड़े उड़ गए और उनके अंग रेलवे ट्रैक पर बिखर गए।

घटना देहात कोतवाली क्षेत्र के खदरा रेलवे क्रॉसिंग के पास की है। हादसे के बाद हावड़ा से काठगोदाम जा रही बाघ एक्सप्रेस को करीब 45 मिनट तक रोकना पड़ा। पुलिस ने शवों के टुकड़े पॉलिथीन में भरकर कब्जे में लिए और लापता लोगों की सूची से मिलान किया गया। करीब 15 घंटे बाद परिजनों ने कपड़ों, तिल और शरीर के निशानों से दोनों की पहचान की।

पुलिस जांच में सामने आया है कि बघौली थाना क्षेत्र के गड़ेउरा गांव निवासी रितेश सिंह 28 और उसकी साली मुस्कान के बीच पिछले दो साल से प्रेम संबंध चल रहा था। मुस्कान बीए पास थी और नौकरी की तलाश में थी। रितेश हरियाणा की एक फैक्ट्री में काम करता था और अविवाहित था।

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रितेश के छोटे भाई की शादी 3 जुलाई 2024 को मुस्कान की बड़ी बहन शिवी सिंह से हुई थी। शादी के बाद रितेश का मुस्कान के घर आना-जाना बढ़ गया और इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। जब घरवालों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने इस रिश्ते का विरोध किया और मुस्कान के लिए दूसरा रिश्ता तलाशने लगे।

परिजनों की सख्ती और सामाजिक दबाव के चलते दोनों मानसिक रूप से परेशान रहने लगे। फोन पर बातचीत जारी रही, लेकिन मिलना-जुलना बंद करवा दिया गया। इसी तनाव के बीच दोनों ने जान देने का फैसला कर लिया। रितेश 13 जनवरी को हरियाणा से हरदोई लौटा था। बुधवार रात वह अपनी बुआ के घर पहुंचा और मुस्कान को फोन कर बुलाया। कुछ देर बाद मुस्कान भी वहां पहुंच गई। रितेश ने बुआ से कहा कि वह लखनऊ जा रहा है और अपना मोबाइल व बैग वहीं छोड़कर निकल गया।

इसके बाद दोनों खदरा रेलवे क्रॉसिंग के पास पहुंचे। देर रात करीब 2 बजकर 15 मिनट पर कोहरे के बीच दोनों ट्रेन के सामने खड़े हो गए। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। शवों की हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना मुश्किल हो गया। रितेश के भाई साकेत ने उसके कान के पीछे मौजूद तिल और कपड़ों से पहचान की। वहीं मुस्कान की मां नीतू सिंह ने भी बेटी के कपड़ों से शिनाख्त की।

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