Hardoi City

राममंदिर चढ़ावा घपले पर गरजे अविमुक्तेश्वरानंद, कहा- गिनती नहीं, चोरी करवाने वाले जेल भेजे जाएं

हरदोई में 81 दिवसीय यात्रा के दौरान राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सरकार और ट्रस्ट पर साधा निशाना, विधायक खरीदने के लिए श्रद्धालुओं के पैसे के इस्तेमाल का लगाया आरोप, गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की भी उठाई मांग

हरदोई/लखीमपुर खीरी, 5 जुलाई 2026:

Ram Mandir Donation Scam को लेकर ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हरदोई में सरकार, मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली और राजनीति पर तीखा हमला बोला। 81 दिवसीय यात्रा के दौरान संडीला, शाहाबाद और लखीमपुर खीरी के निघासन में आयोजित कार्यक्रमों में उन्होंने कहा कि मंदिरों का संचालन धर्म और परंपरा की समझ रखने वाले लोगों के हाथ में होना चाहिए, न कि ऐसे लोगों के पास जिनके पास न मंदिर बनाने का अनुभव है, न चलाने का, न धर्म का ज्ञान।

उन्होंने कहा कि घपले में चढ़ावे की गिनती करने वाले बेबस लोगों को फंसाया जा रहा है। वो तो अपनी जीविका के लिए सिर्फ नौकरी कर रहे थे। बड़ी चोरियां करने वाले बड़े लोग नहीं होते। गिनती करने वालों को पकड़ा जाना गलत है। उन्हें छोड़ा जाना चाहिए जिन लोगों ने ये काम करवाया उन्हें जेल भेजना चाहिए। आज राजनीति इतनी महंगी हो चुकी है कि विधायक खरीदने के लिए भारी रकम की जरूरत पड़ती है। उनका आरोप था कि आम श्रद्धालुओं की आस्था से मंदिरों में चढ़ाया गया धन सत्ता के खेल और राजनीतिक जोड़तोड़ में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने इसे श्रद्धालुओं के विश्वास के साथ बड़ा धोखा बताया।

शंकराचार्य ने कहा कि चोर कभी चोर को नहीं पकड़ता, उसे हमेशा सिपाही पकड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों पर सवाल उठ रहे हैं, वही जांच की प्रक्रिया में शामिल हैं। ऐसे में दोषियों तक जांच पहुंचने की उम्मीद करना मुश्किल है। पीएम का काम देश चलाना है, मंदिर नहीं। मंदिरों का संचालन साधु-संतों के जिम्मे होना चाहिए। उनका आरोप था कि मंदिर ट्रस्टों में धार्मिक अनुभव रखने वाले लोगों की जगह सरकार के भरोसेमंद लोगों को बैठाया गया है।

81 दिन की गो रक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा लेकर निकले शंकराचार्य ने गौ संरक्षण के मुद्दे पर भी सरकारों को घेरा। उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा का मकसद गोमाता के संरक्षण, संवर्धन और उन्हें संवैधानिक सम्मान दिलाने की मांग को मजबूत करना है। उन्होंने गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग दोहराते हुए कहा कि जो सरकार ऐसा नहीं कर सकती, उसके बारे में मतदान से पहले लोगों को गंभीरता से सोचना चाहिए।

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