लखनऊ/अयोध्या, 16 जनवरी 2026:
अयोध्या में लगातार बढ़ रही पर्यटकों की भीड़ और सरयू नदी में नौकायन के बढ़ते चलन को देखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने नाविकों के लिए तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। यह प्रशिक्षण चल रहा है, जिसमें 55 नाविक हिस्सा ले रहे हैं।
पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम का मकसद नाविकों को डिजिटल पेमेंट, यात्रियों से बेहतर बातचीत, आपदा से निपटने के तरीके और आपात हालात में प्राथमिक उपचार की जानकारी देना है। इससे न सिर्फ सरयू में नौकायन सुरक्षित होगा, बल्कि सैलानियों का अनुभव भी बेहतर बनेगा।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रद्धालुओं की बढ़ती आमद के बीच सुरक्षित नौकायन को प्राथमिकता दी जा रही है। मान्यवर कांशीराम पर्यटन प्रबंधन संस्थान और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल के सहयोग से नाविकों को खास प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे अयोध्या की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को भी अच्छे ढंग से पेश कर सकें।
एमकेआईटीएम के प्रशिक्षकों ने नाविकों को बताया कि घाटों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों से जुड़ी कहानियां सुनाकर वे पर्यटकों की यात्रा को यादगार बना सकते हैं। नाविकों को यह भी सिखाया गया कि यात्रियों से शालीन और दोस्ताना अंदाज में बात कैसे की जाए।
एसडीआरएफ की टीम ने आपात स्थिति से निपटने के तरीके बताए और सीपीआर व प्राथमिक उपचार का अभ्यास भी कराया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी नाविकों को पहचान पत्र दिए जाएंगे, जिससे उन्हें एक प्रशिक्षित और भरोसेमंद नाविक के रूप में पहचान मिलेगी।

जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश में वाटर टूरिज्म तेजी से बढ़ रहा है और उसे सुरक्षित बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। अलग-अलग जिलों में नाविकों के लिए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि वे पेशेवर सेवा देने के साथ-साथ प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान भी बन सकें।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने किया। इस मौके पर उप निदेशक ब्रजपाल सिंह, एमकेआईटीएम के सहायक प्राध्यापक सुयाश गुप्ता और एसडीआरएफ के सब इंस्पेक्टर निखिल कुमार समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।






