Lucknow CityNational

यूपी : नल से जल : बदली गांवों की तस्वीर…अब होगा असर का आकलन

विश्वविद्यालय, आईआईटी मद्रास और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं परखेंगी हर घर जल योजना का प्रभाव

लखनऊ, 16 जनवरी 2026:

जल जीवन मिशन के तहत चल रही हर घर जल योजना ने ग्रामीण इलाकों की जिंदगी में बड़ा बदलाव लाया है। अब इस बदलाव की असल हकीकत जानने के लिए प्रदेश के अलग-अलग मंडलों में इंपैक्ट असेसमेंट कराया जा रहा है। इस काम में केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों के साथ आईआईटी मद्रास और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं भी जुटी हैं।

फिलहाल लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी समेत 11 मंडलों में असर का आकलन जारी है। बुंदेलखंड क्षेत्र में यह जिम्मेदारी आईआईटी मद्रास की टीम को दी जा रही है। वहीं मुरादाबाद, आगरा, मेरठ और देवीपाटन मंडलों में जल्द ही विश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से अध्ययन शुरू कराया जाएगा।

स्वास्थ्य बेहतर, पढ़ाई आसान, महिलाओं को राहत
नल से साफ पानी मिलने के बाद गांवों में लोगों की सेहत में सुधार हुआ है। बच्चों की पढ़ाई पहले से ज्यादा नियमित हो गई है। रोजगार के लिए बाहर जाने का चलन भी कम हुआ है। सबसे बड़ा फायदा महिलाओं को मिला है, जिन्हें अब पानी के लिए दूर तक नहीं जाना पड़ता। इससे उन्हें अपने काम और आत्मनिर्भर बनने का मौका मिला है। आईआईटी मद्रास की टीम इन सभी बदलावों का जमीनी स्तर पर अध्ययन करेगी। इसके लिए राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन की ओर से अनुरोध भेजा गया है।

ये भी पढ़ें:

पहले भी मिल चुके हैं अच्छे नतीजे

Advertisement

इससे पहले झांसी और चित्रकूट मंडल में कराए गए आकलन में सामने आया था कि नल से जल मिलने से ग्रामीण परिवारों की दिनचर्या आसान हुई है। गोरखपुर मंडल में हुए अध्ययन में भी साफ पानी के सामाजिक फायदे दर्ज किए गए थे। इस समय अयोध्या, बस्ती, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, बरेली, सहारनपुर, आजमगढ़ और मिर्जापुर मंडलों में इंपैक्ट असेसमेंट चल रहा है।

इन मंडलों में जल्द शुरू होगा अध्ययन

मुरादाबाद, आगरा, मेरठ और देवीपाटन मंडलों में भी असर का आकलन कराने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इसके लिए केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों के साथ अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संस्थाओं से संपर्क किया गया है। हर घर जल योजना से गांवों में आया बदलाव अब सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जमीनी हकीकत के साथ सामने आएगा कि नल से आया पानी लोगों की जिंदगी में कितना सुकून और सहूलियत लेकर आया है।

ये भी पढ़ें  आस्था रक्षा मार्च : राष्ट्रीय हिंदू हिंदू परिषद ने क्यों उठाई लखनऊ का नाम ‘लखनपुरी’ करने की मांग!

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link