लखनऊ, 17 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश में अब उद्योग और रोजगार को एक साथ जोड़ने की नई पहल शुरू होने जा रही है। हर जिले में सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं कौशल विकास केंद्र बनाए जाएंगे। इन केंद्रों के जरिए युवाओं को ट्रेनिंग, नौकरी और उद्यमिता के मौके एक ही जगह मिलेंगे। सरकार की मंशा है कि प्रदेश सिर्फ निवेश का ठिकाना न बने, बल्कि स्थायी रोजगार और हुनर का मजबूत केंद्र बने।
ये निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जारी किए है। इससे पूर्व सीएम ने प्रदेश में औद्योगिक विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने की दिशा में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ की कार्ययोजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ओडीओपी, एमएसएमई और कौशल विकास योजनाओं के साथ समन्वय बनाकर लागू की जाए, ताकि स्थानीय उत्पादों, उद्योगों और युवाओं को एक साझा मंच मिले।

हर जिले में कम से कम 50 एकड़ में बनेगा जोन
योजना के तहत हर जिले में कम से कम 50 एकड़ जमीन पर सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट और इंडस्ट्रियल जोन विकसित किया जाएगा। यहां उद्योग, ट्रेनिंग सेंटर, रोजगार कार्यालय और जरूरी सुविधाएं एक ही परिसर में होंगी। इन जोनों में जी प्लस तीन मंजिला भवन में रोजगार एवं कौशल विकास केंद्र बनाया जाएगा, जो युवाओं के लिए वन-स्टॉप सुविधा केंद्र की तरह काम करेगा।
युवाओं को मिलेगी ट्रेनिंग और नौकरी का मौका
इन केंद्रों में युवाओं को हुनर सिखाने, प्लेसमेंट दिलाने और स्वरोजगार से जोड़ने की व्यवस्था होगी। यहां स्किल ट्रेनिंग, जॉब फेयर, उद्यमिता प्रशिक्षण और मेंटरशिप जैसी सुविधाएं मिलेंगी। सरकार चाहती है कि पढ़ाई के बाद युवाओं को भटकना न पड़े और उन्हें सीधे काम से जोड़ा जाए।
ओडीओपी और एमएसएमई को मिलेगा बढ़ावा
रोजगार केंद्रों में ओडीओपी उत्पादों के लिए डिस्प्ले जोन, ट्रेनिंग हॉल, मीटिंग रूम, जिला उद्योग केंद्र, कौशल विकास मिशन, रोजगार कार्यालय, कॉमन सर्विस सेंटर और बैंकिंग सुविधा भी होगी। इससे छोटे उद्योग, कारीगर और स्टार्टअप को सीधा फायदा मिलेगा।
प्लग एंड प्ले मॉडल पर होंगे औद्योगिक जोन
औद्योगिक जोनों को प्लग एंड प्ले मॉडल पर तैयार किया जाएगा। यानी फैक्ट्री लगाने वालों को बिजली, पानी, सड़क और दूसरी सुविधाएं पहले से तैयार मिलेंगी। इससे एमएसएमई और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को तेजी से काम शुरू करने में आसानी होगी।
जमीन चिन्हित करने के निर्देश
सभी जिलों को निर्देश दिए गए हैं कि इन जोनों के लिए जल्द से जल्द जमीन चिन्हित की जाए। इसके साथ ही ट्रेनिंग, हैंडहोल्डिंग और प्लेसमेंट सेवाओं को भी जोन से जोड़ा जाएगा। सरकार की कोशिश है कि हर जिले में स्थानीय युवाओं को उनके इलाके में ही रोजगार मिल सके।
उत्तर प्रदेश बनेगा रोजगार का हब
यह योजना ओडीओपी, एमएसएमई और स्किल डेवलपमेंट कार्यक्रमों से जुड़ी होगी। इससे स्थानीय उत्पाद, उद्योग और युवा एक ही मंच पर आएंगे। सरकार का मानना है कि यह मॉडल प्रदेश को रोजगार आधारित विकास की नई राह दिखाएगा और उत्तर प्रदेश को देश का बड़ा एम्प्लॉयमेंट हब बनाने में मदद करेगा।






