बिजनेस डेस्क, 20 जनवरी 2026:
भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 300 अंक टूटकर 82,950 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 100 अंक गिरकर 25,500 के नीचे आ गया। सेंसेक्स के 30 शेयरों में 8 में तेजी और 22 में गिरावट देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेत, FII की लगातार बिकवाली और ट्रेड वॉर की आशंकाओं ने निवेशकों का भरोसा कम किया।
कमजोर ग्लोबल संकेतों का असर
एशियाई बाजारों में मिक्स्ड ट्रेडिंग रही। जापान का निक्की 1.22% नीचे, चीन का SSE 0.30% और हांगकांग का हैंगसेंग 0.075% नीचे थे, जबकि साउथ कोरिया का कोस्पी 0.017% ऊपर बंद हुआ। अमेरिकी बाजार सोमवार को बंद थे, लेकिन US फ्यूचर्स 1% से अधिक गिरावट में ट्रेड कर रहे थे। ट्रंप की तरफ से NATO सहयोगियों पर नए टैरिफ की धमकी और US-यूरोप ट्रेड टेंशन ने वैश्विक निवेशकों की जोखिम इच्छा को प्रभावित किया।

FII बिकवाली और DIIs का समर्थन
जनवरी में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने लगातार 10वें सत्र में शेयर बेचे। वहीं सोमवार को FII ने 3,262 करोड़ रुपए की बिकवाली की। महीने की शुरुआत में सिर्फ एक दिन मामूली खरीदारी हुई थी। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 4,234 करोड़ रुपए की खरीदारी करके बाजार को कुछ समर्थन दिया, लेकिन FII की बिकवाली का दबाव भारी रहा।
सेक्टोरल कमजोरी और ट्रेड वॉर की चिंता
क्वार्टरली नतीजे मिक्स्ड रहे। विप्रो के कमजोर गाइडेंस के चलते IT शेयर टूटे और IT इंडेक्स 1.1% गिर गया। रियल्टी, मीडिया और फाइनेंशियल सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित रहे। बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स और इंटरग्लोब एविएशन जैसे स्टॉक्स 2% तक नीचे थे, जबकि NTPC और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे कुछ शेयर 1% ऊपर रहे। इसके अलावा, US टैरिफ पॉलिसी पर अनिश्चितता और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार भी निवेशकों को सताए रख रहा है।

रुपया कमजोर, क्रूड बढ़ा और बाजार में बढ़ी अस्थिरता
रुपया 8 पैसे गिरकर 90.98 पर बंद हुआ, जबकि ब्रेंट क्रूड 0.11% बढ़कर 64.01 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। इंडिया VIX 4% से अधिक बढ़कर 12.34 पर पहुंच गया, जो निवेशकों की नर्वसनेस को दर्शाता है। आज निफ्टी की वीकली एक्सपायरी है, जिससे डेरिवेटिव पोजीशंस के अनवाइंडिंग के कारण अस्थिरता और बढ़ी। वहीं सोमवार को सेंसेक्स 324.17 अंक या 0.39 प्रतिशत गिरकर 83,246.18 पर बंद हुआ। निफ्टी 108.85 अंक या 0.42 प्रतिशत गिरकर 25,585.50 पर रह गया था।






