Uttarakhand

उत्तराखंड को मिला पहला सरकारी ब्रायलर फार्म… किसानों की बदलेगी तस्वीर, हर हफ्ते हो रही इतने चूजों की सप्लाई

टिहरी गढ़वाल जिले के थौलधार में राज्य का पहला सरकारी ब्रायलर कुक्कुट प्रक्षेत्र शुरू किया गया है, जहां से अनुदानित दर पर हर सप्ताह करीब 5000 उच्च गुणवत्ता वाले चूजों की आपूर्ति की जा रही है

योगेंद्र मलिक

टिहरी गढ़वाल, 21 जनवरी, 2026:

उत्तराखंड में पहली बार सरकारी स्तर पर ब्रायलर कुक्कुट प्रक्षेत्र की स्थापना की गई है। टिहरी गढ़वाल जिले के विकासखंड थौलधार के छाम क्षेत्र में बने इस फार्म का संचालन राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किया जा रहा है। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल के निर्देश पर शुरू की गई इस पहल को राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

करीब 3 करोड़ की लागत, हर सप्ताह 5000 चूजों की सप्लाई

मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ डी के शर्मा ने बताया कि इस नवनिर्मित सरकारी ब्रायलर फार्म पर कुल 301.97 लाख रुपये की लागत आई है। वर्तमान समय में फार्म में 1200 पैरेंट स्टॉक मौजूद हैं, जिनसे उच्च गुणवत्ता वाले डे ओल्ड ब्रायलर चूजों का उत्पादन किया जा रहा है। यहां से हर सप्ताह करीब 5000 चूजों की सप्लाई की जा रही है, जिन्हें उत्तराखंड के सभी जनपदों में भेजा जा रहा है।

 

अनुदानित दर पर चूजे, किसानों को सीधा लाभ

फार्म से मिलने वाले ब्रायलर चूजे किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे राज्य के पोल्ट्री किसानों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण सामग्री मिल रही है, जिससे उनके उत्पादन और आमदनी दोनों में बढ़ोतरी हो रही है। इस व्यवस्था से छोटे और मध्यम स्तर के किसानों को खासा लाभ मिल रहा है।

आत्मनिर्भर उत्तराखंड की दिशा में बड़ा कदम

डॉ डी के शर्मा ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में कुक्कुट पालन को बढ़ावा देना, किसानों की आय बढ़ाना और उन्हें बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। विभाग का मानना है कि यह पहल आत्मनिर्भर उत्तराखंड के लक्ष्य को हासिल करने में एक मजबूत और प्रभावी कदम साबित होगी।

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