विजय पटेल
रायबरेली, 22 जनवरी 2026:
रायबरेली दौरे के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को उनके दादा फिरोज गांधी का कथित ड्राइविंग लाइसेंस सौंपे जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश सिंह ने इस पूरे मामले पर गंभीर सवाल उठाते हुए ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता की जांच की मांग की है।
दिनेश सिंह ने कहा कि सबसे पहले यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि फिरोज गांधी का यह ड्राइविंग लाइसेंस वैध है या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इसे राहुल गांधी को सौंपने वाले व्यक्ति के पास यह दस्तावेज आखिर आया कहां से। उल्लेखनीय है कि यह ड्राइविंग लाइसेंस रायबरेली निवासी विकास सिंह द्वारा राहुल गांधी को सौंपा गया था।

राज्य मंत्री ने आशंका जताते हुए कहा कि इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि कहीं राहुल गांधी अपनी रायबरेली यात्रा को एक इवेंट का रूप देने के लिए यह दस्तावेज अपने साथ लेकर तो नहीं आए थे। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर इस तरह के प्रतीकात्मक घटनाक्रम राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से किए जाते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
दिनेश सिंह ने दो दिन पहले पत्रकारों को बुलाकर राहुल गांधी द्वारा मनरेगा को लेकर उठाए गए सवालों पर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मनरेगा से पहले भी इस योजना के अलग-अलग नाम रहे हैं और नाम बदलने से योजना का उद्देश्य समाप्त नहीं होता। राहुल गांधी के इस आरोप पर कि मोदी सरकार गरीबों से उनके अधिकार छीन रही है, दिनेश सिंह ने कड़ा पलटवार किया।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जी राम जी योजना संशोधन के बाद पहले से अधिक मजबूत हुई है और इससे ग्रामीण गरीबों को सीधा लाभ मिल रहा है। राज्य मंत्री ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को योजनाओं की वास्तविक जानकारी नहीं है।
इसके अलावा राहुल गांधी द्वारा अडानी और अंबानी का नाम लिए जाने पर भी दिनेश सिंह ने घोर आपत्ति जताई।इसे राजनीतिक ध्यान भटकाने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा कि जनता अब ऐसे आरोपों से गुमराह होने वाली नहीं है।






