लखनऊ, 23 जनवरी 2026:
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने 01 जनवरी से 31 जनवरी तक प्रदेश भर में विशेष अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और आम लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। इस दौरान नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है, वहीं जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से सुरक्षित यातायात का संदेश भी दिया जा रहा है।
हेलमेट, सीट बेल्ट और ओवरस्पीडिंग पर जोर
परिवहन आयुक्त किंजल सिंह के अनुसार, 01 जनवरी से अब तक व्यापक प्रवर्तन कार्रवाई की गई है। हेलमेट न पहनने पर 49,500 चालान किए गए, जबकि सीट बेल्ट न लगाने पर 11,740 मामलों में कार्रवाई हुई। ओवरस्पीडिंग के 15,180 मामलों में चालान काटे गए। इसके अलावा मोबाइल फोन के प्रयोग पर 4,164, ड्रिंक एंड ड्राइव के 304 और गलत दिशा में वाहन चलाने के 5,546 मामलों में कार्रवाई की गई।
आगरा और कानपुर जोन चालान में रहे सबसे आगे
08 जनवरी से 14 जनवरी के बीच “नो हेलमेट, नो फ्यूल” समेत विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान हेलमेट उल्लंघन के 34,200, सीट बेल्ट के 9,108 और मोबाइल फोन प्रयोग के 3,033 चालान किए गए। आगरा जोन में सबसे अधिक 5,411 हेलमेट चालान किए गए, जबकि कानपुर जोन में 1,752 सीट बेल्ट उल्लंघन के मामले सामने आए।
स्कूली वाहन और अवैध पार्किंग पर कार्रवाई
15 जनवरी से 21 जनवरी तक अभियान का तीसरा सप्ताह अनफिट स्कूली वाहनों और अवैध पार्किंग के खिलाफ रहा। इस दौरान 18,379 स्कूली वाहनों की जांच की गई, जिनमें 351 ओवरलोडिंग और 570 मानकों की अनदेखी के मामलों में चालान हुए। नियमों का पालन न करने पर 75 स्कूली वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र निरस्त किए गए। वहीं अवैध पार्किंग के खिलाफ पूरे प्रदेश में 2,617 चालान काटे गए।
109 होल्डिंग एरिया चिन्हित
अभियान के अंतिम चरण में 22 जनवरी से 31 जनवरी तक मुख्य मार्गों से हटाए गए वाहनों के लिए होल्डिंग एरिया चिन्हित किए गए हैं। अब तक प्रदेश में 109 होल्डिंग एरिया तय किए जा चुके हैं। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर खड़े अनावश्यक वाहनों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। इसके साथ ही लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।






