अयोध्या, 25 जनवरी 2026:
रामनगरी में होली के उत्सव का आगाज हो चुका है।लगभग 40 दिनों तक चलने वाली इस खास होली की शुरुआत बसंत पंचमी से हो गई है। अब रोज रामलला को गुलाल लगाया जा रहा है और पुजारी भी एक-दूसरे को गुलाल लगा रहे हैं।
इसके अलावा अन्य मंदिरों, मठों और आश्रमों में रोजाना रंग खेलने की परंपरा निभाई जा रही है। कहीं अबीर-गुलाल अर्पित किया जाता है, तो कहीं फूलों की होली होती है। रामलला, सीता-राम और हनुमानजी के विग्रहों के सामने भक्त भजन, कीर्तन और रामनाम संकीर्तन के साथ रंग अर्पित करते हैं।
राम जन्मभूमि परिसर, कनक भवन, हनुमानगढ़ी समेत अयोध्या के प्रमुख मंदिरों में होली का यह आयोजन होता है। यहां सुगंधित गुलाल, प्राकृतिक रंगों और पुष्प वर्षा की परंपरा निभाई जाती है, जिससे श्रद्धालु भी उत्साह से जुड़ जाते हैं।
श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने एक्स अकाउंट से रामलला की गुलाल लगी तस्वीर जारी की है। वहीं दंतधावन कुंड स्थित आचारी मंदिर में रोजाना होने वाली पूजा में रंग और गुलाल भी शामिल है। नित्य राग-भोग और श्रृंगार के दौरान भगवान के विग्रह पर अबीर-गुलाल अर्पित किया जाता है। हनुमानगढ़ी के पुजारी रमेश दास के अनुसार रंगभरी एकादशी से यह उत्सव और अधिक विस्तार लेगा। इस दिन हनुमानगढ़ी के नागा साधु जुलूस निकालेंगे और मठ-मंदिरों में होली का आमंत्रण देंगे। इस दिन से रोजाना श्रृंगार के समय आराध्य को विशेष भोग भी अर्पित किया जाएगा। शाम होते ही मंदिरों के प्रांगण में फाग गीतों की गूंज सुनाई देने लगेगी।






