बाराबंकी, 28 जनवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ से सटे बाराबंकी जनपद के दौलतपुर गांव के पद्मश्री से सम्मानित प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा की खेती की अनूठी तकनीक अब देश और दुनिया तक पहुंचेगी। दूरदर्शन द्वारा तैयार की जा रही चर्चित ‘खोजी किसान’ सीरीज में उनकी जीवन यात्रा और खेती के नवाचारों को शामिल किया गया है। यह सीरीज देश के 26 ऐसे किसानों की कहानियों पर आधारित है जिन्होंने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर नवाचार के जरिए न सिर्फ अपनी आमदनी बढ़ाई, बल्कि दूसरे किसानों के लिए भी मिसाल बने।
रामसरन वर्मा विशेष विधियों से खेती करने के लिए पूरे देश में पहचाने जाते हैं। वे टमाटर की उन्नत तकनीक से खेती, टिश्यू कल्चर केले का उत्पादन, आलू, मेंथा के साथ-साथ तरबूज व अन्य फसलों की खेती सफलतापूर्वक कर रहे हैं। उनके खेत आज एक जीवंत मॉडल के रूप में विकसित हो चुके हैं, जहां किसान आधुनिक खेती के तरीके सीखने आते हैं। दूरदर्शन के लिए यह सीरीज एक निजी संस्था द्वारा तैयार की जा रही है।

विगत दिनों दौलतपुर स्थित रामसरन वर्मा के कृषि फार्म पर सीरीज की शूटिंग की गई। शूटिंग टीम से जुड़े लोगों के अनुसार यह एपिसोड मार्च महीने में प्रसारित किया जाएगा। इससे पहले लखनऊ के मलिहाबाद के प्रसिद्ध आम उत्पादक कलीमुल्ला खान, वाराणसी के चंद्रशेखर और सहारनपुर के सेठपाल सिंह की कहानियों की शूटिंग पूरी हो चुकी है। कलीमुल्ला खान आम की अनोखी किस्मों के लिए जाने जाते हैं जबकि चंद्रशेखर अरहर, चना और गेहूं के उन्नत बीज उत्पादन में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। सेठपाल सिंह सिंघाड़ा की खेती को नए तरीके से कर किसानों के लिए प्रेरणा बने हैं।

मालूम हो कि 12 दिसंबर 2025 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी रामसरन वर्मा के खेत का दौरा किया था। इसी दौरान उनके खेत से किसान पाठशाला का शुभारंभ किया गया था। इससे पहले राज्यपाल राम नाईक, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, कृषि मंत्री, विशेषज्ञ, अधिकारी और कई देशों के प्रतिनिधि भी उनके खेती मॉडल को देखने आ चुके हैं। दूरदर्शन के माध्यम से अब रामसरन वर्मा की प्रेरक कहानी देशभर के किसानों तक पहुंचेगी और उन्हें नवाचार के जरिए खेती में आगे बढ़ने की राह दिखाएगी।






