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झांसी में ऑटो चालक बनेंगे विरासत के दूत… सुनाएंगे बुंदेलखंड की शौर्य गाथाएं, दी गई ये खास ट्रेनिंग

झांसी में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की पहल से 150 से अधिक ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को विशेष प्रशिक्षण देकर उन्हें ‘हेरिटेज एम्बेसडर’ बनाया गया है, जो अब पर्यटकों को सफर के दौरान बुंदेलखंड की विरासत और वीर गाथाएं सुनाएंगे

झांसी/लखनऊ, 30 जनवरी 2026: 

अयोध्या, काशी और मथुरा के बाद अब उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने बुंदेलखंड को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इसी कड़ी में झांसी में 28 और 29 जनवरी को दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 150 से अधिक स्थानीय ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को प्रशिक्षण दिया गया। अब ये चालक सिर्फ सवारी ढोने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पर्यटकों को बुंदेलखंड की विरासत, इतिहास और वीर गाथाओं से भी परिचित कराएंगे।

ऑटो चालक बनेंगे ‘हेरिटेज एम्बेसडर’

उत्तर प्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि झांसी वीरता और इतिहास की अनगिनत कहानियों का साक्षी रहा है। रानी लक्ष्मीबाई की शौर्य गाथा, 1857 का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम, झांसी का किला और रानी महल जैसी ऐतिहासिक धरोहरें इस शहर की पहचान हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से ऑटो और ई-रिक्शा चालकों को स्टोरीटेलिंग के गुर सिखाए गए हैं, ताकि वे यात्रा के दौरान पर्यटकों को इन स्थलों से जुड़ी रोचक जानकारियां और कहानियां सुना सकें। इससे पर्यटकों का अनुभव और भी खास बनेगा, साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

स्टोरीटेलिंग और शिष्टाचार पर खास जोर

राही टूरिस्ट बंगला, झांसी में आयोजित इस कार्यक्रम में एमकेआईटीएम के स्टोरी टेलर गौरव श्रीवास्तव ने चालकों को यह सिखाया कि कैसे इतिहास, लोक कथाओं और मानवीय भावनाओं को जोड़कर एक साधारण सफर को यादगार अनुभव में बदला जा सकता है। चालकों को बताया गया कि यात्रा के दौरान गंतव्य से जुड़ी छोटी-बड़ी जानकारी साझा करना पर्यटकों की रुचि बढ़ाता है। साथ ही ‘अतिथि देवो भवः’ के मूल मंत्र के तहत शिष्ट व्यवहार और संवाद कौशल पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

प्राथमिक उपचार और डिजिटल भुगतान की ट्रेनिंग

पर्यटन अनुभव को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए चालकों को प्राथमिक उपचार का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, ताकि किसी आपात स्थिति में वे तुरंत मदद कर सकें। इसके अलावा डिजिटल युग की जरूरतों को देखते हुए उन्हें ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण लेने वाले किशन साहू, संदीप तिवारी समेत अन्य चालकों ने इस पहल को सराहनीय बताया। कार्यक्रम के अंत में पर्यटन विभाग की ओर से सभी चालकों को टी-शर्ट भेंट कर सम्मानित किया गया।

झांसी में पर्यटकों की बढ़ती संख्या से उम्मीदें मजबूत

मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड के झांसी, महोबा, बांदा, ललितपुर, हमीरपुर जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का सुनियोजित विकास किया जा रहा है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय और राज्य की राजधानी में प्रदर्शित झांकी भी बुंदेलखंड थीम पर आधारित रही। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में झांसी में 1.34 करोड़ से अधिक पर्यटकों का आगमन इस बात का संकेत है कि बुंदेलखंड तेजी से उत्तर प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

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