लखनऊ, 2 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत अल्पसंख्यक समुदायों के विकास के लिए एक बडी पहल की गई है। प्रदेश के सिख, जैन, बौद्ध और मुस्लिम समुदायों के समग्र विकास के लिए करीब 364 करोड रुपये की विभिन्न परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। ये परियोजनाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, खेल, महिला एवं बाल कल्याण और नगर विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुडी हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समावेशी विकास नीति के तहत कमजोर और पिछडे वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोडने की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है।
शिक्षा और स्वास्थ्य पर सरकार का विशेष फोकस
पीएमजेवीके के तहत आज अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर सबसे अधिक जोर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की 10 परियोजनाओं के लिए 114.14 करोड रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं माध्यमिक शिक्षा के लिए 12.78 करोड, प्राविधिक शिक्षा के लिए 42.53 करोड, चिकित्सा शिक्षा के लिए 27.88 करोड और व्यवसायिक शिक्षा से जुडी परियोजनाओं के लिए 25.02 करोड रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही यूनानी विभाग की परियोजनाओं के लिए 24.98 करोड रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
युवाओं, खेल और महिला कल्याण को बढावा
अल्पसंख्यक युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कौशल विकास से जुडी परियोजनाओं के लिए 5.92 करोड रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं खेल और युवा कल्याण विभाग की परियोजनाओं के लिए 64.22 करोड रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे युवाओं की शारीरिक और खेल प्रतिभा को नया मंच मिलेगा। महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की परियोजनाओं के लिए करीब 7.79 करोड रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों से जुडी सुविधाओं को मजबूत किया जा सकेगा।
शहरी और ग्रामीण विकास को भी मिला सहारा
अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए नगर विकास विभाग की 6 परियोजनाओं के लिए 22.12 करोड रुपये स्वीकृत किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग की 2 परियोजनाओं के लिए 3.94 करोड रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा कृषि एवं सहकारिता विभाग की 3 परियोजनाओं के लिए 10.15 करोड रुपये और दुग्ध विकास विभाग के लिए 1.92 करोड रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
समावेशी विकास की सोच को मिल रही मजबूती
केंद्र सरकार के पीएमजेवीके कार्यक्रम के तहत स्वीकृत इन परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में अल्पसंख्यक समुदायों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समावेशी विकास की अवधारणा को भी मजबूती मिल रही है, जिसका उद्देश्य हर वर्ग तक विकास का लाभ पहुंचाना है।






