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UP में उद्योग से सीधे जुड़ेगा युवा : हर जिले में 50 एकड़ में बनेंगे सरदार पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन

हर जिले को मिलेगा रोजगार का नया हब : एमएसएमई, सेवा आधारित उद्योगों और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए प्लग-एंड-प्ले यूनिट और फ्लैटेड फैक्ट्री जैसी आधुनिक सुविधाएं की जाएंगी विकसित

लखनऊ, 3 फरवरी 2026:

यूपी में औद्योगिक विकास को रोजगार से सीधे जोड़ने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। यूपी दिवस के अवसर पर घोषित महत्वाकांक्षी योजना ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन’ को लेकर सीएम योगी ने प्रदेश के सभी जनपदों में शीघ्र उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं। एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह योजना प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के अवसर एक ही परिसर में उपलब्ध कराने का सशक्त मॉडल बनेगी।

सीएम ने कहा कि प्रदेश की औद्योगिक नीति का उद्देश्य ऐसा सक्षम वातावरण तैयार करना है जहां युवा नौकरी पाने के साथ स्वरोजगार और स्टार्टअप के जरिए भी आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने निर्देश दिए कि योजना को स्थानीय जरूरतों और क्षेत्रीय संभावनाओं के अनुरूप प्रभावी ढंग से लागू किया जाए जिससे हर जिले की औद्योगिक पहचान मजबूत हो सके।

बैठक में बताया गया कि इस योजना को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी जनपदों में लागू किया जाएगा। हर जिले में न्यूनतम 50 एकड़ क्षेत्रफल में एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित जोन में औद्योगिक क्षेत्र, फ्लैटेड फैक्ट्री, वाणिज्यिक क्षेत्र, सर्विस सेक्टर, कॉमन फैसिलिटी सेंटर, ग्रीन एरिया, सड़क नेटवर्क और कार्यालय स्पेस का संतुलित लेआउट तैयार किया गया है।

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एमएसएमई, सेवा आधारित उद्योगों और नवाचार से जुड़े क्षेत्रों को बढ़ावा देने के लिए प्लग-एंड-प्ले यूनिट और फ्लैटेड फैक्ट्री जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा टेस्टिंग फैसिलिटी, डिजाइन एवं डिस्प्ले सेंटर, टूल रूम, ईटीपी एवं सीईटीपी जैसी आधारभूत सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इससे उद्यमियों को शुरुआत से ही मजबूत अवसंरचना मिल सके।

युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए इसी परिसर में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड स्किल डेवलपमेंट सेंटर’ की स्थापना प्रस्तावित है। यहां प्रशिक्षण हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, उद्यमिता प्रशिक्षण, मेंटरिंग, ऋण योजनाओं की जानकारी, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और वेतन आधारित रोजगार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित स्थलों की जल्द पहचान कर परियोजना के क्रियान्वयन में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि यह योजना उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन का प्रभावी मॉडल बनकर प्रदेश के युवाओं के भविष्य को नई दिशा देगी।

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