उन्नाव, 4 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश के उन्नाव नगर पालिका क्षेत्र के गदनखेड़ा गांव में सरकारी ऊसर भूमि पर कब्जा करने की कोशिश को प्रशासन ने समय रहते रोक दिया। प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर न केवल सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया, बल्कि वहां किए जा रहे अवैध निर्माण और रास्ता बनाने की कोशिश को भी तुरंत बंद करा दिया।
राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज है सरकारी संपत्ति
प्रशासन के मुताबिक गदनखेड़ा गांव स्थित गाटा संख्या 928 राजस्व अभिलेखों में ऊसर भूमि के रूप में दर्ज है, जो पूरी तरह सरकारी संपत्ति है। आरोप है कि सुनीता सोनकर और उनके बेटे इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने अपने मकान की पिछली दीवार में बिना अनुमति दरवाजा खोल दिया था, ताकि सरकारी भूमि को निजी इस्तेमाल में लिया जा सके।
सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन
मामले की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी सदर क्षितिज द्विवेदी ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके आदेश पर राजस्व विभाग, पुलिस और नगर पालिका की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान अवैध कब्जे की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने तत्काल सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त करा लिया।
अवैध दरवाजा कराया गया सील
प्रशासनिक टीम ने मकान की पिछली दीवार में अवैध रूप से बनाए गए दरवाजे को भी तुरंत बंद करवा दिया। अधिकारियों ने साफ कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह का कब्जा या निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। प्रशासन के अनुसार सरकारी भूमि आम जनता और सरकारी कार्यों के लिए सुरक्षित होती है। इन पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। संबंधित लोगों को चेतावनी दी गई है कि आगे ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहें।
मौके पर मौजूद रहा पूरा अमला
इस कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार धीरज त्रिपाठी, राजस्व निरीक्षक अरविंद श्रीवास्तव, क्षेत्रीय लेखपाल हिमांशु साहू, लेखपाल चंदन गुप्ता, उपेंद्र शुक्ला सहित पुलिस बल और नगर पालिका के कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन ने बताया कि जिले भर में सरकारी भूमि की नियमित निगरानी की जा रही है और शिकायत मिलते ही तुरंत कार्रवाई की जा रही है।






