योगेंद्र मलिक
देहरादून, 4 फरवरी 2026:
उत्तराखंड की धामी सरकार के साढ़े चार साल के कार्यकाल में युवाओं को सरकारी नौकरी देने का सिलसिला तेज रहा है। जुलाई 2021 से अब तक 28 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्ति मिल चुकी है। आंकड़ों के मुताबिक इस अवधि में हर महीने औसतन 518 युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई, जिससे युवा वर्ग सरकार का सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर सामने आया है।
54 महीने में 28 हजार से ज्यादा नियुक्तियां
मुख्यमंत्री धामी ने 4 जुलाई 2021 को पदभार संभाला था। पहले और दूसरे कार्यकाल को मिलाकर उनका कार्यकाल अब 54 महीने का हो चुका है। इस दौरान लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और चिकित्सा सेवा चयन आयोग के माध्यम से बड़ी संख्या में भर्तियां की गईं। सरकार का दावा है कि आने वाले एक साल में भी विभिन्न आयोगों के जरिये रिकॉर्ड संख्या में भर्तियां पूरी की जाएंगी, जिससे यह आंकड़ा और बढ़ेगा।
नकल विरोधी कानून से भर्ती प्रक्रिया में सुधार
भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए धामी सरकार ने फरवरी 2023 में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया। इसके बाद प्रदेश में परीक्षाएं समय पर और बिना रुकावट के आयोजित हो रही हैं। पहले जहां भर्ती प्रक्रिया में दो से तीन साल लग जाते थे, अब औसतन एक साल में चयन पूरा हो रहा है। पारदर्शिता बढ़ने से योग्य युवा एक से अधिक परीक्षाओं में चयनित हो रहे हैं।
विदेशों तक रोजगार की पहुंच
सरकार ने सरकारी नौकरियों के साथ-साथ युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार से जोड़ने की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। 9 नवंबर 2022 से मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना शुरू की गई। इसके तहत आतिथ्य, नर्सिंग और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर युवाओं को जर्मनी और जापान में रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत अब तक 154 युवाओं को प्रशिक्षण मिला है, जिनमें से 37 युवाओं को जापान में नौकरी मिल चुकी है।
स्किल और स्वरोजगार पर भी फोकस
धामी सरकार का कहना है कि सरकारी नौकरियों के साथ-साथ कौशल विकास और स्वरोजगार को भी प्राथमिकता दी जा रही है। विभिन्न योजनाओं के जरिये युवाओं को प्रशिक्षण, रोजगार और आत्मनिर्भर बनने के अवसर दिए जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और स्किल आधारित योजनाओं से आने वाले समय में युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलते रहेंगे।






