लखनऊ, 5 फरवरी 2026:
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को पूरी तरह नकलविहीन, शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश सरकार ने इस बार अभूतपूर्व सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था लागू की है। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 20 परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए जाने का प्रस्ताव है। इससे मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से नकल पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सकेगा।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों, डीएम और एसएसपी एवं एसपी के साथ समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने 18 जिलों आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, कासगंज, प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, बलिया, मऊ, जौनपुर, गाजीपुर, देवरिया और गोंडा को संवेदनशील घोषित किया। इन जिलों के अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर प्रतिदिन दो बार निरीक्षण अनिवार्य किया गया है।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी केंद्रों पर सीसीटीवी युक्त वॉयस रिकॉर्डर पूरी तरह क्रियाशील हों। हर जिले में कंट्रोल और मॉनिटरिंग सेंटर स्थापित किए जाएं जहां जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित हो। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों की निगरानी एसटीएफ और एलआईयू द्वारा की जाएगी। प्रश्नपत्र खोलने से लेकर स्ट्रांग रूम से प्रश्नपत्र निकालने तक की पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी निगरानी में होगी। स्ट्रांग रूम की रात्रिकालीन रैंडम चेकिंग भी अनिवार्य की गई है।
नकल रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों के बाहर क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष नियमित पेट्रोलिंग करेंगे। सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने या परीक्षा में बाधा डालने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए परीक्षा समय के अनुसार बसों का नियमित संचालन और निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च के बीच प्रदेश के 8,033 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित होंगी। इस वर्ष 53 लाख 37 हजार 778 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं, जिनमें 27.61 लाख हाईस्कूल और 25.76 लाख इंटरमीडिएट के छात्र शामिल हैं।
इसके साथ ही मुख्य सचिव ने ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर सख्ती के निर्देश देते हुए उपखनिज परिवहन करने वाले सभी वाहनों में जीपीएस डिवाइस अनिवार्य करने, लंबित चालानों वाले और फर्जी नंबर प्लेट वाले वाहनों पर कड़ी कार्रवाई तथा लंबित राजस्व मामलों के शीघ्र निस्तारण पर भी जोर दिया।






