लखनऊ, 5 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की चपेट में आकर एक युवक की दर्दनाक मौत के बाद प्रदेश सरकार का रुख बेहद सख्त हो गया है। राजधानी लखनऊ के हैदरगंज इलाके में हुई इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और प्रतिबंधों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर गहरी नाराजगी जताते हुए प्रदेश में चाइनीज मांझे के इस्तेमाल पर पूर्ण रोक के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने साफ कहा है कि चाइनीज मांझे से होने वाली मौतों को हत्या की श्रेणी में माना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को पूरे प्रदेश में विशेष छापेमारी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंध के बावजूद अगर कहीं चाइनीज मांझा बिकता या इस्तेमाल होता पाया गया तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में प्रदेशभर में की गई कार्रवाई की उच्चस्तरीय समीक्षा भी की जाएगी।
दरअसल, बुधवार को बाजारखाला क्षेत्र में हैदरगंज फ्लाईओवर पर बाइक सवार शोएब (35) की गर्दन पतंग के चाइनीज मांझे से कट गई। शोएब दुबग्गा के सीते विहार कॉलोनी के निवासी थे। एक दवा कंपनी में मेडिकल रिप्रजेंटेटिव के रूप में कार्यरत थे। वह मार्केट जा रहे थे, तभी फ्लाईओवर की ढाल पर अचानक मांझा उनकी गर्दन में फंस गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मांझे के तेज खिंचाव से उनकी गर्दन कट गई और वह बाइक से गिर पड़े। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
गौरतलब है कि चाइनीज मांझा (सिंथेटिक/नायलॉन मांझा) पर्यावरण और मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक है। इसकी बिक्री पर कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इसके बावजूद चोरी-छिपे इसकी बिक्री होना पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। लखनऊ की इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि सख्त कार्रवाई और सतत निगरानी के बिना ऐसे हादसों पर रोक लगाना मुश्किल है।






