लखनऊ, 15 जनवरी 2026:
राजधानी लखनऊ मकर संक्रांति पर्व सूर्य के प्रकाश संग खिल उठा। सुबह ठंड से कांपी लेकिन सूरज के ताप से दोपहर गुनगुनी रही। इसी के साथ ही पर्व पर पारंपरिक पूजा अर्चना कर खिचड़ी दान व भोज की शुरुआत हुई। इसी के साथ पर्व की खास पहचान पतंगें आसमान की ओर बढ़ चलीं। बच्चों से लेकर बड़ों ने पूरे चाव के साथ अपना शौक पूरा किया।
कुड़िया घाट पर कई स्कूलों के मैनेजमेंट अपने-अपने छात्रों को लेकर पहुंचे। बच्चों ने बताया कि यह उनके लिए एक खास अनुभव रहा क्योंकि वे पहली बार स्कूल के दोस्तों के साथ सामूहिक रूप से पतंग उड़ा रहे थे। घाट पर रंग-बिरंगी पतंगों, ढोल-नगाड़ों और बच्चों की खुशियों ने उत्सव का माहौल बना दिया। यहां के अलावा रिवर फ्रंट, झूलेलाल घाट, लक्ष्मण मेला स्थल जैसे इलाकों में भी पतंगबाजी के साथ-साथ फोटो सेशन, पारंपरिक गीत और स्नैक्स स्टॉल लगे नजर आए। परिवारों ने नदी किनारे बैठकर पर्व का आनंद लिया।

डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने हरिओम सेवा केंद्र के वार्षिकोत्सव एवं मकर संक्रांति समारोह में हिस्सा लिया। समाजसेवी प्रदीप अग्रवाल की ओर से केजीएमयू को एक एम्बुलेंस भेंट की।
मकर संक्रांति पर परंपरा के अनुसार शहर के कई इलाकों में खिचड़ी का भंडारा आयोजित किया गया। इस्कॉन संस्था ने लखनऊ के कई स्थानों पर भंडारे लगाकर करीब सवा लाख लोगों को खिचड़ी प्रसाद वितरित किया। इनमें हजरतगंज, अलीगंज, गोमती नगर, चारबाग और इंदिरानगर प्रमुख स्थान रहे।

हनुमान सेतु, मनकामेश्वर मंदिर, आशियाना के शिव मंदिर और निराला नगर के दुर्गा मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोगों ने सूर्य देव को अर्घ्य देकर सुख-समृद्धि की कामना की।त्योहार को देखते हुए पुलिस ने गोमती घाटों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया।






