लखनऊ, 6 फरवरी 2026:
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक क्षेत्र में विकसित हो रहा टॉय पार्क अब कागजों से निकलकर जमीन पर उतरने लगा है। प्रदेश की औद्योगिक नीति के असर से निवेशकों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है और इसी का नतीजा है कि टॉय इंडस्ट्री के लिए नियोजित 154 में से 143 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन पूरा हो चुका है। औद्योगिक सेक्टर-33 में विकसित हो रहा यह टॉय पार्क निवेश और निर्माण, दोनों ही स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
औद्योगिक विकास को लेकर सरकार की नीति साफ है कि परियोजनाएं केवल मंजूरी तक सीमित न रहें, बल्कि समय पर धरातल पर भी दिखाई दें। यमुना एक्सप्रेसवे पर आकार ले रहा टॉय पार्क इसी सोच की मिसाल बन रहा है। पारदर्शी आवंटन प्रक्रिया और तेज लीज व्यवस्था के चलते यह क्षेत्र निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
120 आवंटियों को जारी हुई चेकलिस्ट
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आवंटित 143 भूखंडों में से 124 निवेशकों ने लीज प्लान जमा कर दिए हैं। 19 निवेशकों से अभी दस्तावेज मिलने बाकी हैं, जिन्हें एक माह का समय दिया गया है। अब तक 120 आवंटियों को चेकलिस्ट जारी की जा चुकी है, जबकि 4 मामलों में यह प्रक्रिया जारी है।

76 निवेशकों को मिला कब्जा
भूमि हस्तांतरण के मोर्चे पर भी प्रगति साफ दिख रही है। अब तक 108 निवेशकों के पक्ष में लीज डीड पूरी हो चुकी है और 76 निवेशकों को भूखंडों का विधिवत कब्जा सौंप दिया गया है। इससे साफ है कि टॉय पार्क अब फाइलों से निकलकर निर्माण के चरण में पहुंच चुका है।
निर्माण गतिविधियों में आई तेजी
टॉय पार्क में 15 निवेशकों के भवन मानचित्र स्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं 4 औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। इससे आने वाले समय में उत्पादन और रोजगार सृजन की संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं।
दूसरे चरण के लिए भूमि अधिग्रहण जारी
योजना के दूसरे चरण में कुल 11 भूखंड प्रस्तावित हैं। इनमें से 4 भूखंडों की भूमि उपलब्ध हो चुकी है, जिन्हें योजना में शामिल कर लिया गया है। शेष 7 भूखंड, जिनका कुल क्षेत्रफल 6.71 एकड़ है, के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई तेजी से चल रही है, ताकि जल्द इन्हें भी निवेशकों को उपलब्ध कराया जा सके।
टॉय इंडस्ट्री के लिए तैयार होगा आधुनिक ढांचा
टॉय पार्क में प्लास्टिक, लकड़ी, फैब्रिक, धातु और इलेक्ट्रॉनिक खिलौनों से जुड़ी इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही डिजाइन, पैकेजिंग, टेस्टिंग, वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स जैसी साझा सुविधाएं विकसित करने की योजना है। एमएसएमई और स्टार्टअप्स को भी इससे जोड़ा जाएगा, ताकि कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें। सरकार का लक्ष्य यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र को खिलौना उद्योग का एक मजबूत और संगठित केंद्र बनाना है।






