लखनऊ, 6 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की समयसीमा एक महीने के लिए बढ़ा दी गई है। अब मतदाता सूची में नाम जोडने, हटाने या सुधार के लिए 6 मार्च 2026 तक आवेदन किया जा सकेगा। पहले यह तारीख 6 फरवरी तय थी। अंतिम मतदाता सूची 10 अप्रैल 2026 को जारी होगी। इसकी जानकारी राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने लखनऊ के लोक भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी।
अक्टूबर से चल रही है पूरी प्रक्रिया
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक यूपी में SIR प्रक्रिया 27 अक्टूबर से शुरू हुई थी। मतदाताओं की गिनती का काम 4 नवंबर से 6 जनवरी तक चला। इसके बाद 6 जनवरी से 6 फरवरी तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में आवेदन आने के चलते अब इसकी तारीख बढ़ाने का फैसला किया गया है।

नाम जोडने और हटाने के लाखों आवेदन
अब तक नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 के तहत 82 हजार 684 आवेदन मिले हैं। वहीं नाम जोडने के लिए फॉर्म 6 के जरिए करीब 37 लाख 80 हजार आवेदन आए हैं। जो मतदाता प्रदेश से बाहर रहते हैं, उनके लिए फॉर्म 6A की सुविधा दी गई है। अब तक 1076 प्रवासी मतदाताओं ने इस फॉर्म के जरिए आवेदन किया है।
करोडों मतदाताओं को भेजे गए नोटिस
चुनाव विभाग के अनुसार करीब 1 करोड 40 लाख ऐसे मतदाता थे, जिनका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में था लेकिन उनकी मैपिंग नहीं हो सकी। वहीं 2 करोड 22 लाख मतदाताओं की मैपिंग में गडबडी पाई गई। इन सभी मामलों में नोटिस भेजे जा रहे हैं। कुल 3 करोड 26 लाख नोटिस भेजे जाने हैं, जिनमें से 2 करोड 37 लाख जारी हो चुके हैं और 86 लाख 27 हजार लोगों तक नोटिस पहुंच भी चुके हैं। अब तक करीब 30 लाख मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है।
BLO देंगे मदद, किसी का नाम नहीं कटेगा
नवदीप रिणवा ने साफ किया कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम बिना जांच के नहीं हटाया जाएगा। हर आपत्ति की जांच के बाद ही फैसला होगा। मतदाताओं की मदद के लिए बीएलओ हर कार्यदिवस सुबह 10 से 12 बजे तक बूथ पर मौजूद रहेंगे। उन्होंने महिलाओं और युवाओं से अपील की कि वे अपने नाम जरूर जांच लें और आधार कार्ड के अनुसार नाम की स्पेलिंग भरें, ताकि भविष्य में ऑनलाइन सुधार में परेशानी न हो।






