लखनऊ, 7 फरवरी 2026:
यूपी में समावेशी विकास के विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में सरकार ने एक और बड़ा कदम बढ़ाया है। वर्षों से पिछड़े माने जाने वाले बुंदेलखंड क्षेत्र को औद्योगिक और आर्थिक मजबूती देने के लिए बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) के तहत औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सरकार ने 56,662 एकड़ भूमि को औद्योगिक विकास के लिए औपचारिक मंजूरी दे दी है। 23,590 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
यह फैसला केवल औद्योगिक प्लॉट विकसित करने तक सीमित नहीं है। बुंदेलखंड के सामाजिक और आर्थिक कायाकल्प की मजबूत नींव के रूप में देखा जा रहा है। योगी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि इस क्षेत्र को केवल कच्चे संसाधनों तक सीमित न रखकर विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक उत्पादन का सशक्त केंद्र बनाया जाए।
बीडा क्षेत्र में भारी उद्योग, रक्षा उत्पादन, लॉजिस्टिक्स, एमएसएमई और सहायक इकाइयों के लिए एक एकीकृत औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित किया जा रहा है। सड़क, बिजली, जलापूर्ति, औद्योगिक प्लॉट, वेयरहाउसिंग और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि निवेशकों को “्ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का वास्तविक अनुभव मिल सके।
इस औद्योगिक पहल का असर अब साफ तौर पर दिखाई देने लगा है। भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) ने बीडा क्षेत्र में लगभग ₹600 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत भारी मशीनरी, रक्षा उपकरण और औद्योगिक उत्पादों के निर्माण की इकाइयां स्थापित की जाएंगी। सरकारी आकलन के मुताबिक इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे जिससे स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही काम मिलेगा और पलायन पर प्रभावी रोक लगेगी।
औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने के लिए बीडा क्षेत्र में 100 एकड़ भूमि पर अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा। इसका निर्माण कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (कॉनकोर) करेगा। यह पार्क सड़क और रेल नेटवर्क को जोड़कर माल परिवहन को सुगम बनाएगा जिससे उद्योगों की लागत घटेगी और निर्यात क्षमता बढ़ेगी।
सरकार का मानना है कि बीडा परियोजना बुंदेलखंड को आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के मॉडल के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी और क्षेत्रीय असंतुलन को समाप्त कर समावेशी विकास को नई रफ्तार देगी।






