लखनऊ, 8 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में चाइनीज मांझे का खौफ थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में एक युवक की दर्दनाक मौत के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त निर्देश दिए थे लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। शहर के कुड़ियाघाट इलाके में शनिवार शाम एक और हादसा होते-होते बच गया।
लखनऊ के यहियागंज उद्योग व्यापार मंडल के कार्यालय सचिव विमलेश तिवारी शाम को दोपहिया वाहन से घर लौटते समय चाइनीज मांझे की चपेट में आ गए। गनीमत रही कि चेहरे पर ज्यादा चोट नहीं आई और वे बाल-बाल बच गए। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में खुलेआम बिक रहे प्रतिबंधित और जानलेवा मांझे की पोल खोल दी है।
यहियागंज उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने ऐसी चिंता जताते हुए कहा कि चाइनीज मांझा और धातु मिश्रित धारदार डोर दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि इनकी बिक्री पर सख्ती से रोक लगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
व्यापार मंडल ने यह भी सवाल उठाया कि चाइनीज मांझा ऑनलाइन बिकने की खबरें आ रही हैं। ऐसे में सरकार ई-कॉमर्स कंपनियों से डेटा क्यों नहीं मांगती? इससे साफ पता चल सकता है कि किसने कितना और कहां खरीदा। स्थानीय लोगों का कहना है कि ज्यादातर बच्चे पतंग उसी दुकान से लेते हैं, जहां से मांझा भी मिल जाता है। 50 रुपये की पतंग उड़ाने वाला बच्चा महंगा ऑनलाइन मांझा मंगाए, यह तर्क से परे है।
व्यापार मंडल की मांग है कि पतंग उड़ाने की अनुमति केवल सुतली (सूती धागे) से ही दी जाए। तार और धारदार मांझे पर पूरी तरह प्रतिबंध लगे और शहर में नियमित निगरानी की व्यवस्था की जाए जिससे भविष्य में किसी और की जान जोखिम में न पड़े।






