लखनऊ, 8 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश विधानमंडल का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र से पहले रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक की। बैठक में भाजपा के साथ-साथ कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
बजट सत्र से पहले आयोजित इस सर्वदलीय बैठक में संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के साथ पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर, मत्स्य विकास मंत्री संजय निषाद, मुहिला कल्याण मंत्री बेबी रानी मौर्य, समाजवादी पार्टी से नेता विरोधी दल माता प्रसाद पाण्डेय, संग्राम सिंह यादव व रविदास मेहरोत्रा और कांग्रेस से आराधना मिश्रा मोना मौजूद थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप संवाद, सहमति और सहयोग के माध्यम से सदन के प्रभावी संचालन पर विचार-विमर्श किया गया।विधानमंडल के बजट सत्र में पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विधानमंडल के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगी।

सरकार की ओर से राज्य का वार्षिक बजट 11 फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा। अनुमान है कि चुनाव से पहले आ रहे बजट का आकार करीब 9 लाख करोड़ रुपये हो सकता है, जो अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा। पिछले वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश का बजट करीब 8.08 लाख करोड़ रुपये था।
सरकार का मुख्य फोकस प्रदेश के समग्र विकास और आम जनता की सुविधाओं पर रहेगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, खाद्य सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के लिए पर्याप्त प्रावधान किए जाने की तैयारी है। सरकार का लक्ष्य है कि इन योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। इसके अलावा प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए भी बजट में खास ध्यान रखा जाएगा।






