लखनऊ, 8 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के सरोजनीनगर इलाके में एक दवा कारोबारी से कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। धमकी देने वाला कोई कुख्यात गैंग नहीं बल्कि कारोबारी का पूर्व कर्मचारी निकला। उसने फिल्मों और वेब सीरीज से प्रेरित होकर यह साजिश रची। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया और कारोबारी व उनके कर्मचारी दहशत में आ गए।
गोमतीनगर के विकल्प खंड स्थित रोहित रेजिडेंसी निवासी गौरव बत्रा सरोजनीनगर के हिंद नगर में स्थित करुण इंटरप्राइजेज में प्रबंधक हैं। 30 जनवरी की सुबह कार्यालय पहुंचने पर गार्ड सत्य नारायण ने उन्हें एक बंद लिफाफा सौंपा। लिफाफे पर हिंदी और अंग्रेजी में गौरव बत्रा का नाम लिखा था। यह भी दर्ज था कि केवल वही खोलें। उन्होंने लिफाफा खोला तो अंदर हाथ से लिखा धमकी भरा पत्र मिला जिसमें खुद को बिश्नोई गैंग से जुड़ा बताते हुए 30 लाख रुपये की मांग की गई थी। रकम न देने पर गौरव बत्रा, उनके गोदाम के कर्मचारियों की हत्या की धमकी दी गई थी।
धमकी भरा पत्र पढ़ते ही कारोबारी सहम गए। उन्हें अपनी और कर्मचारियों की जान को खतरा महसूस हुआ। उन्होंने तत्काल सरोजनीनगर थाने में तहरीर दी जिसके बाद पुलिस हरकत में आई। जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि वारदात किसी करीबी व्यक्ति ने ही अंजाम दी है। सीसीटीवी फुटेज और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने पूर्व सेल्समैन उमेश कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में उमेश ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि वह अगस्त 2025 में सेटलमेंट ड्यूज न मिलने से नाराज होकर नौकरी छोड़ चुका था। उस पर बैंक का करीब 7 लाख रुपये का लोन था। उसकी किस्तें न चुका पाने से वह तनाव में था। उसे पता था कि गौरव बत्रा अच्छी कमाई करते हैं। फिल्मों और वेब सीरीज देखकर उसके दिमाग में रंगदारी वसूलने का आइडिया आया। इसी प्लान के तहत वह शॉल ओढ़कर, हेलमेट पहनकर स्कूटी से गोदाम पहुंचा और गार्ड को लिफाफा थमाया और फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है।






