बाराबंकी, 9 फरवरी 2026:
अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-दो में हत्या के आरोप में दोषी करार दिए जाने के बाद शनिवार को चकमा देकर भागे सूरज को पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उसकी ससुराल से दबोच लिया। संयोग ये हुआ कि अब सजा पर सुनवाई के लिए मुकर्रर दिन आज सोमवार को ही कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया जाएगा।
दरअसल सुबेहा थाना क्षेत्र में दस साल पूर्व हुई हत्या के मामले में जमानत पर चल रहा रोहना मीरापुर निवासी सूरज शनिवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश कोर्ट नम्बर दो में आखिरी पेशी पर आया था। कोर्ट ने सुनवाई पूरी कर हत्या के मामले में उसे दोष सिद्ध करार दिया। सजा के लिए सोमवार का दिन तय हुआ। इधर कक्ष में मौजूद सूरज को जैसे ही पता चला कि वह दोषी करार दिया गया है, पुलिस अब उसे हिरासत में लेकर जेल ले जाएगी। वह चुपके से कक्ष से फरार हो गया। इधर पुलिस ने हिरासत में लेने के लिए सूरज को खोजने की कोशिश की तो पता चला कि वो भाग चुका है।

इधर कोर्ट परिसर से पुलिस को चकमा देकर भागने की खबर फैली तो मामला सुर्खियों में आ गया। पुलिस ने आनन फानन हत्या के मामले में अन्य दोषी सूरज के पिता मुटरू व चाचा गुदरु को जेल भेजा और सूरज की तलाश शुरू कर दी। एसपी द्वारा गठित कई टीमों ने उसके रिश्तेदार करीबी लोगों का ब्यौरा जुटाया और दबिश मारनी शुरू कर दी। मोबाइल सर्विलांस पर लगाया गया। इस दौरान उसकी लोकेशन लखनऊ गोमतीनगर कैमामऊ की मिली। आननफानन पुलिस भी वहीं पहुंची लेकिन वो मोबाइल बंद कर भाग चुका था।
इस दौरान रिश्तेदारों के घर पर नजर जमाए पुलिस को सफलता मिल गई। रविवार को वो जायस गांव स्थित अपनी ससुराल में ससुर बाबादीन के साथ आराम फरमाता मिल गया। फिलहाल पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। उसे थाने लाया गया। सोमवार की सुबह उसे जिला मुख्यालय पर लाकर कोर्ट में सजा सुनाने के दिन ही पेश किया जाएगा। फिलहाल सजा से बचने के लिए फरार हुआ सूरज एक और जुर्म कर बैठा।
बताया गया कि सूरज दस साल पूर्व 2016 में चाचा बरसाती की हत्या में शामिल था। अहिरन सरैया मजरे रोहना मीरापुर गांव में रहने वाले मटरू व गुदरू का अपने ही भाई बरसाती से पेड़ काटने को लेकर विवाद हो गया था। इससे उनके बीच मारपीट हो गई। इसमें मटरू का पुत्र सूरज भी शामिल था। तीनों लोगों ने लाठी डंडे से बरसाती को पीट दिया था। जिसमें उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। कोर्ट में मुकदमे की सुनवाई चल रही थी। पिता व चाचा पहले से जेल में था जबकि सूरज जमानत पर बाहर चल रहा था।






