योगेंद्र मलिक
देहरादून, 9 फरवरी 2026:
विश्व बैंक की मदद से चल रही उत्तराखंड डिजास्टर प्रीपेयर्डनेस एंड रेजीलियंट प्रोजेक्ट यानी यू-प्रिपेयर की प्रगति को लेकर सचिवालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने परियोजना से जुड़े कामों में सुस्ती पर नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि अब किसी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य सचिव ने दो टूक कहा कि यू-प्रिपेयर राज्य के लिए अहम परियोजना है और इसमें लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है। चल रहे काम तय समय में पूरे होने चाहिए। इसके लिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी समझें और काम की लगातार निगरानी करें। उन्होंने हर परियोजना की स्पष्ट समय-सीमा तय करने और उस पर अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पुल और सड़कों के काम में तेजी के निर्देश
बैठक में लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाए जा रहे 45 पुलों की समीक्षा की गई। बताया गया कि 31 पुलों का काम अवार्ड हो चुका है। शेष 14 पुलों के काम को 30 जून 2026 तक अवार्ड करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही आठ सड़कों के निर्माण कार्य का आबंटन भी जल्द करने को कहा गया।

डिजास्टर शेल्टर जल्द पूरे हों
मुख्य सचिव ने उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को निर्देश दिए कि राज्य के अलग-अलग इलाकों में प्रस्तावित 10 डिजास्टर शेल्टरों का निर्माण तय समय में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि आपदा से निपटने की तैयारियों में ये शेल्टर बेहद अहम हैं, इसलिए किसी तरह की देरी न हो।
एसडीआरएफ और फायर स्टेशनों पर भी जोर
बैठक में एसडीआरएफ की ट्रेनिंग सुविधाओं और 19 फायर स्टेशनों के निर्माण कार्यों की भी समीक्षा हुई। इन सभी कामों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए, ताकि आपात हालात में राहत और बचाव व्यवस्था मजबूत हो सके। बैठक में सचिन कुर्वे, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. वी. षणमुगम, विनोद कुमार सुमन, सी. रवि शंकर, रणवीर सिंह चौहान, आनंद स्वरूप सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।






