लखनऊ, 9 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश पर्यटन के नक्शे पर नए मुकाम पर पहुंच चुका है। आर्थिक समीक्षा 2025-26 के मुताबिक, वर्ष 2025 में प्रदेश में पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया और यूपी देश में सबसे ज्यादा पर्यटकों वाला राज्य बनकर सामने आया। बीते साल की तुलना में करीब ढाई गुना बढ़ोतरी के साथ 2025 में 156.18 करोड़ पर्यटकों ने उत्तर प्रदेश का रुख किया।
महाकुम्भ ने बनाया नया रिकॉर्ड
पर्यटन में इस बड़ी छलांग की सबसे बड़ी वजह प्रयागराज में आयोजित महाकुम्भ रहा। महाकुम्भ के दौरान 66.30 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक प्रयागराज पहुंचे। इसका असर पूरे प्रदेश के पर्यटन आंकड़ों में साफ दिखा। धार्मिक आस्था, बेहतर इंतजाम और सुविधाओं ने उत्तर प्रदेश को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाई।
सांस्कृतिक टूरिज्म का हब बनता यूपी
प्रदेश अब सिर्फ धार्मिक पर्यटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सांस्कृतिक टूरिज्म हब के तौर पर उभर रहा है। अयोध्या, वाराणसी, मथुरा और प्रयागराज जैसे शहर वैश्विक आकर्षण का केंद्र बन चुके हैं। पर्यटन नीति 2022 के तहत राज्य में 12 अलग-अलग थीमैटिक सेक्टर पर काम हो रहा है, जिनमें धार्मिक, विरासत, कला-संस्कृति, ईको टूरिज्म, वेलनेस, एडवेंचर, ग्रामीण, व्यंजन और वेडिंग डेस्टिनेशन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
12 पर्यटन सर्किट पर हो रहा काम
पर्यटकों को बेहतर और यादगार अनुभव देने के लिए प्रदेश में 12 खास पर्यटन सर्किट विकसित किए जा रहे हैं। इन सर्किटों के जरिए धार्मिक स्थलों के साथ-साथ प्रकृति, ग्रामीण जीवन और स्थानीय संस्कृति को भी जोड़ा जा रहा है। इससे छोटे शहरों और गांवों तक पर्यटन का फायदा पहुंच रहा है।
ईको टूरिज्म और ग्रामीण अर्थव्यवस्था
पर्यटन विकास में पर्यावरण और स्थानीय लोगों को साथ लेकर चलने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में ईको टूरिज्म की 49 परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इनसे जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ होमस्टे, हस्तशिल्प और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रामीण पर्यटन को मजबूत करने के लिए होमस्टे और टूर ऑपरेटरों का पंजीकरण भी किया गया है।
अर्थव्यवस्था को मिल रही रफ्तार
पर्यटन में बढ़ोतरी का सीधा असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर दिख रहा है। होटल, ट्रांसपोर्ट, हस्तशिल्प, खानपान और स्थानीय कारोबार को नया बाजार मिला है। साथ ही बड़ी संख्या में लोगों के लिए रोजगार के मौके भी बने हैं। फिलहाल उत्तर प्रदेश अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कृति, प्रकृति और अनुभव आधारित पर्यटन का मजबूत ठिकाना बनता जा रहा है।






