लखनऊ, 10 फरवरी 2026:
यूपी सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत गरीब और पात्र परिवारों को मुफ्त व रियायती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के अपने संकल्प को लगातार मजबूत कर रही है। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना की ओर से विधानमंडल में प्रस्तुत पहली आर्थिक समीक्षा के मुताबिक प्रदेश में डिजिटल सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पात्र परिवारों को राशन कार्ड जारी कर लाभान्वित किया जा रहा है।
प्रदेश में दिसंबर 2025 तक 78,510 उचित दर दुकानें संचालित हैं। उनमें 67,114 ग्रामीण और 11,396 नगरीय क्षेत्रों में हैं। खास बात यह है कि 22.9 प्रतिशत दुकानें महिलाओं को आवंटित हैं। यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम को दर्शाता है। इसी अवधि तक 362.35 लाख राशन कार्ड जारी किए गए हैं। उनमें 40.85 लाख अंत्योदय और 321.50 लाख पात्र गृहस्थी श्रेणी के परिवार शामिल हैं।
वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत अंतर्राज्यीय पोर्टेबिलिटी से प्रवासी श्रमिकों और जरूरतमंदों को बड़ी राहत मिली है। वर्ष 2024-25 में 38.12 लाख लाभार्थियों ने दूसरे राज्यों में राशन प्राप्त किया। यह 2021-22 की तुलना में कई गुना वृद्धि है। वहीं, 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 28.03 लाख लाभार्थी इस सुविधा से जुड़ चुके हैं।
मॉडल फेयर प्राइस शॉप पहल के अंतर्गत 31 जनवरी 2026 तक 7,481 अन्नपूर्णा भवन बनाए गए जहां राशन वितरण के साथ सीएससी सेवाएं भी मिल रही हैं। कोविड के बाद सीपीआई आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर 2025 तक घटकर माइनस 1.71 पर पहुंची। इससे महंगाई पर नियंत्रण और क्रय शक्ति में सुधार हुआ। बहुआयामी गरीबी में भी ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। 2013-14 में 42.59 प्रतिशत से घटकर 2022-23 में 17.40 प्रतिशत यानी 5.94 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए।






