Uttar Pradesh

यूपी विधानसभा में ‘विजन डॉक्यूमेंट 2047’ पर गर्मागर्म बहस, विपक्ष ने लगाए वादाखिलाफी के आरोप

लखनऊ, 13 अगस्त 2025:

यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन बुधवार को प्रदेश के विकास के लिए ‘विजन डॉक्यूमेंट-2047’ पर 24 घंटे की चर्चा की शुरुआत होते ही सदन में सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए। चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाते हुए मौजूदा हालात पर सवाल उठाए तो सरकार ने विकास के अपने एजेंडे और अब तक की उपलब्धियों का बखान किया।

संसदीय कार्यमंत्री ने विपक्ष पर लगाया अराजकता फैलाने का आरोप

वित्त एवं संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि 2022 में जनता ने भाजपा को उसके संकल्प पत्र के आधार पर जनादेश दिया था। उन्होंने विपक्ष पर अराजकता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सदन में किसी को अराजकता फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। उन्होंने दावा किया कि 2014 में केंद्र में मोदी सरकार और 2017 में यूपी में योगी सरकार आने के बाद कानून व्यवस्था सुधरी है। निवेश बढ़ा है। किसानों को फसलों का दाम मिल रहा है। शिक्षा-स्वास्थ्य समेत हर क्षेत्र में प्रगति हुई है।

नेता प्रतिपक्ष बोले…2017 के बाद से कितने वादे पूरे हुए, इसका भी हिसाब दें

वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि सरकार 2047 के सपनों की चर्चा कर रही है, लेकिन 2017 के बाद से कितने वादे पूरे हुए, इसका भी हिसाब दे। उन्होंने चर्चा का समय बढ़ाने की मांग की। सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने भाजपा पर युवाओं को रोजगार और किसानों को एमएसपी देने के वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि सरकार कह रही है कि 22 साल बाद आज के युवाओं के पोते-पोतियों को नौकरी देंगे। 2047 का क्या भरोसा है, जबकि 2022 तक घर देने का वादा भी पूरा नहीं हुआ।

कांग्रेस नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि आज की कई सफलताएं पंडित नेहरू के विजन का नतीजा हैं, चाहे वह चंद्रयान मिशन हो, आईआईटी हो या एम्स। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार योजनाओं की घोषणा तो करती है लेकिन उन्हें पूरा नहीं करती।

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