लखनऊ, 10 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की आर्थिक समीक्षा 2025-26 में सामने आया है कि बीते कुछ वर्षों में औद्योगिक क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत आधार बनकर उभरा है। इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उत्पादन, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे सेक्टरों में तेजी से निवेश बढ़ा है, जिससे राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिली है।
विधानमंडल में पेश की गई समीक्षा के अनुसार वर्ष 2025 में अलग-अलग औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं के तहत करीब 4,000 करोड़ रुपये की इंसेंटिव राशि का भुगतान किया गया। इससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और नई परियोजनाओं को गति मिली। औद्योगिक गलियारे, एक्सप्रेसवे नेटवर्क और आधुनिक अवसंरचना परियोजनाओं ने उत्तर प्रदेश को उद्योगों के लिए पसंदीदा गंतव्य बना दिया है।

कारखानों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
आर्थिक समीक्षा में बताया गया कि कारखाना अधिनियम 1948 के तहत पंजीकृत कारखानों की संख्या में दोगुने से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2016-17 में जहां प्रदेश में 14,169 कारखाने थे, वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के नवंबर तक यह आंकड़ा बढ़कर 30,695 पहुंच गया।
इसे निवेश आकर्षण और रोजगार सृजन की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है। वार्षिक उद्योग सर्वेक्षण की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक राज्य के उद्योगों के सकल मूल्य वर्धन में पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह दर देश के बड़े राज्यों में सबसे अधिक है और राष्ट्रीय औसत 11.9 प्रतिशत से कहीं आगे है।
निर्यात में भी दिखी तेज छलांग
निर्यात के मोर्चे पर भी उत्तर प्रदेश ने मजबूत प्रदर्शन किया है। वर्ष 2016-17 में जहां प्रदेश का कुल निर्यात 0.84 लाख करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर 1.86 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में नवंबर माह तक ही 1.31 लाख करोड़ रुपये का निर्यात किया जा चुका है। यह बढ़त प्रदेश की विनिर्माण क्षमता और वैश्विक बाजार में बढ़ती मौजूदगी को दर्शाती है। जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश ने चौथा स्थान हासिल किया है, जबकि 2022 में राज्य सातवें स्थान पर था। लैंडलॉक्ड राज्यों की श्रेणी में प्रदेश पहले स्थान पर रहा।
निवेश के लिए अग्रणी राज्य बना उत्तर प्रदेश
निवेश आकर्षण के मामले में भी उत्तर प्रदेश आगे रहा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दौरान दावोस में राज्य ने 2.94 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश समझौते किए। इनमें एआई रेडी डेटा सेंटर, फूड प्रोसेसिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, वेस्ट टू एनर्जी और रक्षा निर्माण जैसे सेक्टर शामिल हैं। स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम रैंकिंग के पांचवें संस्करण में उत्तर प्रदेश को टॉप परफॉर्मर कैटेगरी ए-1 में जगह मिली है।
ओडीओपी से स्थानीय उद्योगों को मिला नया बाजार
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना के जरिए स्थानीय उद्योगों को वैश्विक पहचान दिलाने की कोशिश रंग लाई है। वर्ष 2018-19 से दिसंबर 2025 तक 890.44 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई, जिससे 3.22 लाख से ज्यादा रोजगार पैदा हुए। सितंबर 2025 में ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में आयोजित तीसरे इंटरनेशनल ट्रेड शो में करीब 70 देशों के खरीदारों की मौजूदगी ने प्रदेश के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाया।
ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेस की ओर बढ़ा कदम
आर्थिक समीक्षा में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश अब ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से आगे बढ़ते हुए ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेस मॉडल की ओर बढ़ रहा है। कंप्लायंस रिडक्शन में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। डिरेगुलेशन, निवेश मित्र के जरिए सिंगल विंडो सिस्टम और भूमि से लेकर श्रम सुधारों ने निवेश के लिए पारदर्शी और भरोसेमंद माहौल तैयार किया है।






