लखनऊ, 10 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में मंगलवार को यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू करने की मांग को लेकर अपना दल (कमेरावादी) की नेता एवं विधायक पल्लवी पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिलाओं के साथ पल्लवी पटेल ने आईटी चौराहे से विधानसभा की ओर मार्च शुरू किया। मार्च जैसे ही रिजर्व पुलिस लाइन के पास पहुंचा वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने बैरिकेडिंग कर जुलूस को रोक दिया।
बैरिकेडिंग देखकर पल्लवी पटेल खुद आगे बढ़ीं और कंटीले अवरोधकों पर चढ़ने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया जिससे कुछ देर के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए। पुलिस से नोकझोंक बढ़ने पर पल्लवी पटेल सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने काफी देर तक उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन पल्लवी अपनी मांगों पर अड़ी रहीं।

करीब 15 मिनट की मान-मनौव्वल के बाद पुलिस ने एक-एक कर सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। कार्यकर्ताओं को पुलिस वाहनों में बैठाया गया लेकिन पल्लवी पटेल ने सड़क पर लेटकर विरोध जताया। पुलिसकर्मियों को उन्हें वाहन तक ले जाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। गाड़ी तक पहुंचने के बाद भी वह दरवाजे पर अड़ गईं और अंदर बैठने से इनकार करती रहीं। महिला पुलिसकर्मियों ने हाथ और पीठ के सहारे उन्हें समझाकर अंदर करने की कोशिश की, लेकिन जब वह नहीं मानीं तो उन्हें मजबूरी में गाड़ी के भीतर बैठाया गया।
पल्लवी पटेल ने आरोप लगाया कि यूजीसी रेगुलेशन 2026 को टालना आरक्षित और वंचित वर्गों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि सरकार अगर शिक्षा में समानता की बात करती है तो इस रेगुलेशन को तत्काल लागू करे। उनका कहना था कि जब तक मांग पूरी नहीं होती तब तक पार्टी सड़कों पर संघर्ष जारी रखेगी। मालूम हो कि पल्लवी पटेल अपना दल (कमेरावादी) की नेता और सपा से विधायक हैं। इस प्रदर्शन के चलते लखनऊ विश्वविद्यालय रोड पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा।






