Uttar Pradesh

राम मंदिर उड़ाने की साजिश का आरोपी अब्दुल मारा गया…अयोध्या के इस गांव में बिलख पड़ा परिवार

फरीदाबाद जेल की हाई सिक्योरिटी बैरिक में निरुद्ध था अयोध्या मिल्कीपुर का अब्दुल, साथी कैदी ने नुकीली चीज से वार करके ली जान, पिता व चाचा शव लेने को फरीदाबाद रवाना हुए

अयोध्या, 10 फरवरी 2026:

हरियाणा की फरीदाबाद जेल में बंद राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश के आरोपी अब्दुल रहमान की हत्या कर दी गई। घटना की खबर अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र के मिजनाई गांव पहुंची, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजन सुबह तक यही मानते रहे कि उसकी हालत गंभीर है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन बाद में जेल प्रशासन की ओर से मौत की सूचना मिलने के बाद घर में कोहराम मच गया। फिलहाल पिता व चाचा शव लेने फरीदाबाद रवाना हो गए हैं।

मिजनाई गांव में रहने वाले परिवार के अनुसार, जेल प्रशासन की तरफ से पहले बताया गया था कि अब्दुल की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। अब्दुल को बचपन से दिल में सुराख की बीमारी थी, इसलिए परिवार को यही लगा कि स्वास्थ्य कारणों से उसकी हालत नाजुक हुई है। महिलाएं घर में दुआ करती रहीं, लेकिन कुछ ही घंटों बाद आई मौत की खबर ने सभी को तोड़ दिया।

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9 फरवरी की सुबह गांव के प्रधान के बेटे कैलाश जायसवाल के पास फरीदाबाद जेल प्रशासन का फोन आया। जेल अधिकारियों ने बताया कि अब्दुल रहमान की मौत हो चुकी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए परिजनों को फरीदाबाद पहुंचना होगा। यह खबर मिलते ही मां आशमीन बेसुध हो गईं, जबकि पिता अबु बकर और अन्य परिजन गहरे सदमे में डूब गए।

अब्दुल पेशे से ई-रिक्शा चालक था। उसके पिता मंजनाई बाजार में चिकन और मीट की छोटी दुकान चलाते हैं। अब्दुल परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी तीन छोटी बहनें हैं। अब्दुल रहमान को गुजरात एटीएस ने मार्च 2025 में गिरफ्तार किया था। एजेंसियों के अनुसार, वह अयोध्या के राम मंदिर को निशाना बनाने की साजिश में शामिल था। गिरफ्तारी के समय उसके पास से ग्रेनेड समेत विस्फोटक सामग्री बरामद होने का दावा किया गया था।

जांच एजेंसियों का यह भी कहना था कि अब्दुल अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था। इसी मामले में उसके खिलाफ फरीदाबाद जिले के थाना डबुआ में विस्फोटक अधिनियम, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए थे। मौत की सूचना के बाद अब्दुल के पिता अबु बकर और चाचा उस्मान फरीदाबाद के लिए रवाना हो गए हैं। परिजनों का कहना है कि शव को अयोध्या लाकर गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

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