UP के लाखों कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! दिवाली पर 30 दिन का बोनस, जानिए कितने रुपये मिलेंगे
31 मार्च 2026 तक एक साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को मिलेगा लाभ, दैनिक वेतनभोगियों को भी बोनस, 75 फीसदी रकम पीएफ खाते में होगी जमा
लखनऊ, 6 नवंबर 2026:
यूपी के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। योगी सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए पात्र कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस देने की मंजूरी दे दी है। सरकार के इस फैसले से पूर्णकालिक अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों के साथ सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों और विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को भी फायदा होगा। इस संबंध में शासनादेश भी जारी कर दिया गया है।
शासनादेश के मुताबिक बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन 7,000 रुपये निर्धारित किया गया है। इस आधार पर पात्र कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये बोनस मिलेगा। इसका लाभ उन कर्मचारियों को दिया जाएगा जिन्होंने गत 31 मार्च तक लगातार एक वर्ष की सेवा पूरी कर ली है। वेतन मैट्रिक्स के लेवल-8 तक के अराजपत्रित कर्मचारी इस दायरे में शामिल होंगे।
दैनिक वेतनभोगियों को भी मिलेगा बोनस
सरकार ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को भी बोनस देने का फैसला किया है। हालांकि, इसके लिए सेवा और कार्य दिवसों से जुड़ी शर्तें निर्धारित की गई हैं। छह दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में लगातार तीन साल तक काम करने और हर वर्ष कम से कम 240 दिन कार्य करने वाले कर्मचारी पात्र होंगे। वहीं, पांच दिन के कार्य सप्ताह वाले कार्यालयों में हर साल कम से कम 206 दिन काम करना अनिवार्य होगा। इन कर्मचारियों को अधिकतम 1,184 रुपये बोनस मिलेगा।
75 फीसदी रकम पीएफ खाते में होगी जमा
बोनस की कुल राशि का 75 प्रतिशत हिस्सा कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) खाते में जमा किया जाएगा। शेष 25 प्रतिशत नकद मिलेगा। जिन कर्मचारियों का पीएफ खाता नहीं है, उन्हें नियमानुसार एनएससी या पीपीएफ के माध्यम से राशि दी जाएगी। खास बात यह है कि 31 मार्च 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके या 30 अप्रैल 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को बोनस की पूरी रकम नकद दी जाएगी।
इन कर्मचारियों को नहीं मिलेगा बोनस
शासनादेश में बोनस के लिए कुछ प्रतिबंध भी निर्धारित किए गए हैं। वर्ष 2025-26 में विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई या आपराधिक मुकदमे में दोषी पाए गए कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। जिन कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई या आपराधिक मुकदमा लंबित है उनका बोनस मामले का अंतिम फैसला आने तक रोक दिया जाएगा। दोषमुक्त होने पर नियमानुसार बोनस का भुगतान किया जाएगा।






