UP politics : गुड मॉर्निंग मित्र अखिलेश जी! ओपी राजभर ने ‘स्वप्नलोक’ से बाहर आने को कहा, 2027 पर किया ये बड़ा दावा
OP Rajbhar X Post : राजभर ने यादव समाज के भीतर घोसी-ग्वाला और कमरिया का मुद्दा उठाया, 2017 से 2024 तक टिकट बंटवारे का हिसाब मांगकर अखिलेश को घेरा
लखनऊ, 6 नवंबर 2026:
उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले जातीय समीकरणों को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें गुड मॉर्निंग कहा। इसके बाद राजभर ने अपने एक्स पोस्ट में तंज कसते हुए लिखा कि अभी भी आप स्वप्नलोक में खोए होंगे, जबकि गाय-भैंस की सेवा करने वाले अहीर समाज के लोग जाग चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि अब समाज के लोग अखिलेश यादव की राजनीति को समझने लगे हैं।
15 फीसदी और 85 फीसदी का उठाया मुद्दा
ओपी राजभर ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘हम अबतक यही जानते थे कि अहीर दो ही प्रकार के होते हैं! एक कृष्ण जी वाले, दूसरे वाले आप और आपके सपाई। लेकिन अब पता चल रहा है कि आप तो सच में अहीरों में भी 15 परसेंट वाले ही हैं और इस 15 परसेंट का बदला आप 85 परसेंट से ले रहे हैं।’
घोसी और कमरिया समाज को लेकर साधा निशाना
राजभर ने आगे आरोप लगाया कि अखिलेश यादव यादव समाज के सभी वर्गों को एक नजर से नहीं देखते। उन्होंने लिखा, ‘पहले लगता था कि आप यादवों को एक नजर से देखते होंगे पर ऐसा नहीं है, आपके लिए तो उसमें भी अपने और पराए हैं। 85 परसेंट वाले घोसी यानी ग्वाला आपको बिल्कुल नहीं सुहाते, आपके लिए तो बस 15 परसेंट वाले कमरिया ही आपके अपने हैं।’
2017 से 2024 तक के टिकटों का मांगा हिसाब
कैबिनेट मंत्री ने अखिलेश यादव से सवाल किया कि 2017 से 2024 तक हुए चुनावों में समाजवादी पार्टी ने कितने घोसी यानी ग्वाला समाज के लोगों को टिकट दिया और कितने कमरिया समाज के लोगों को चुनाव मैदान में उतारा। उन्होंने इसे यादव समाज के भीतर भेदभाव का मुद्दा बताते हुए अखिलेश पर जाति के आधार पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया।
गुड मॉर्निंग मित्र @yadavakhilesh जी,
पता है अभी भी आप स्वपनलोक में ही खोए होंगे। मगर गाय-भैंस की सेवा करने वाले अहीर भाई जाग चुके हैं और आपका सब खेल समझने भी लगे हैं।
हम अबतक यही जानते थे कि अहीर दो ही प्रकार के होते हैं! एक कृष्ण जी वाले, दूसरे वाले आप और आपके सपाई। लेकिन अब पता चल रहा है कि आप तो सच में अहीरों में भी 15 परसेंट वाले ही हैं और इस 15 परसेंट का बदला आप 85 परसेंट से ले रहे हैं।
पहले लगाता था कि आप यादवों को एक नजर से देखते होंगे पर ऐसा नहीं है, आपके लिए तो उसमें भी अपने और पराए हैं। 85 परसेंट वाले घोसी यानी ग्वाला आपको बिल्कुल नहीं सुहाते, आपके लिए तो बस 15 परसेंट वाले कमरिया ही ‘आपके अपने’ हैं।
बताइए भला! पहला ऐसा यादव नेता देखा जो अहीर-अहीर में भेद करता हो। आपके पहले वालों ने पहले धर्म के नाम पर जनता को बांटा, आप जाति के नाम पर बांटते-बांटते अब अहिर-अहिर में दो आंख करने लगे।
बस इतना बता दीजिए कि 2017 से लेकर 2024 तक के चुनाव में आपने कितने घोसी यानी ग्वाला और कितने कमरिया को टिकट दिया है?
अरे मित्र! अब तो जाग जाइए… 2027 में यही 85 फीसदी वाला ग्वाला समाज आपको 2022 से भी बुरे दौर का दर्शन कराने जा रहा है।
जय भारत, जय श्रीराम, जय श्री कृष्ण, जय परशुराम, जय महाराजा सुहेलदेव!
— Om Prakash Rajbhar (@oprajbhar) November 6, 2026
2027 चुनाव को लेकर किया दावा
ओपी राजभर ने पोस्ट के आखिर में अखिलेश यादव को जागने की नसीहत देते हुए लिखा, ‘अरे मित्र! अब तो जाग जाइए। 2027 में यही 85 फीसदी वाला ग्वाला समाज आपको 2022 से भी बुरे दौर का दर्शन कराने जा रहा है।






