Kanpur News : दिवाली की सुबह साथ बैठे परिवार पर गिरी छत, सास-बहू समेत 20 दिन के मासूम की मौत
पुश्तैनी मकान का कच्चा हिस्सा भरभराकर गिरा, मलबे में दबे परिवार के चार लोग, मां-बेटे की आंखों के सामने उजड़ गया पूरा परिवार

कानपुर, 8 नवंबर 2026:
यूपी के कानपुर में दिवाली की रात दीयों के जगमगाने से पहले सुबह एक परिवार में गम और मातम का अंधेरा छा गया। पनकी क्षेत्र के पनकी पड़ाव में रविवार सुबह करीब 8:30 से 9 बजे के बीच एक मकान की कच्ची छत अचानक गिर गई। उस वक्त कमरे में परिवार के चार लोग मौजूद थे। मलबे में दबने से सास, बहू समेत महज 20 दिन के नवजात की मौत हो गई, जबकि बेटा घायल हो गया।
कुर्सी पर बैठकर बात कर रहे थे मां-बेटे
हादसे के समय 60 वर्षीय विनोदनी शुक्ला कमरे में अपने बेटे हर्ष शुक्ला (32) के साथ बैठी थीं। पास ही हर्ष की पत्नी अंशिका (28) अपने 20 दिन के बेटे आरव को दूध पिला रही थी। तभी अचानक बांस-बल्लियों से बनी छत नीचे आ गिरी। विनोदनी के सिर में गंभीर चोट लगी, जबकि अंशिका अपने मासूम के साथ मलबे में दब गई। हर्ष को भी चोट आई, लेकिन वह किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब रहा।
मलबा हटाकर अस्पताल ले गए परिजन
छत गिरने की आवाज सुनकर दूसरे कमरे में मौजूद अवधेश शुक्ला (65) और उनके बेटे राजू शुक्ला (29) मौके पर पहुंचे। हर्ष के साथ मिलकर उन्होंने मलबा हटाया। आसपास के लोगों की मदद से चारों को बाहर निकालकर कल्याणपुर सीएचसी ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने विनोदनी, अंशिका, आरव को मृत घोषित कर दिया। हर्ष को मामूली चोटें आई हैं।
35 साल पुराना था पुश्तैनी मकान
परिवार का मकान करीब 35 साल पुराना एक मंजिला घर है। इसमें चार कमरे हैं। छत बांस-बल्लियों के सहारे मिट्टी से बनाई गई थी। हर्ष पनकी स्थित स्टील अथॉरिटी कंपनी में काम करता है। करीब दो साल पहले उसकी शादी अंशिका से हुई थी। 20 दिन पहले ही घर में बेटे आरव का जन्म हुआ था।
पानी के रिसाव से कमजोर हुई छत
डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक, शुरुआती जांच में छत पर पानी के रिसाव की आशंका सामने आई है। माना जा रहा है कि पानी जमा होने से छत का वजन बढ़ गया, जिससे वह अचानक गिर गई। मौके पर पुलिस के साथ राजस्व टीम भी पहुंची।






