कानपुर, 23 मई 2026:
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट शनिवार को उस वक्त अचानक हलचल मच गई, जब ITBP के 40 से 50 जवान हथियारों के साथ परिसर में पहुंच गए। जवान अपने साथी कमांडो विकास सिंह की शिकायत पर कार्रवाई न होने से नाराज थे। वर्दी में पहुंचे जवान परिसर के अलग-अलग हिस्सों में खड़े हो गए। हालात ऐसे बने कि वहां मौजूद पुलिसकर्मी भी सतर्क हो गए। करीब एक घंटे तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
दरअसल पूरा मामला ITBP की 32वीं बटालियन में तैनात कमांडो विकास सिंह की मां निर्मला देवी के इलाज से जुड़ा है। विकास का आरोप है कि टाटमिल चौराहे स्थित कृष्णा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान लापरवाही हुई, जिससे उनकी मां के हाथ में संक्रमण फैल गया और बाद में हाथ काटना पड़ा। विकास सिंह इससे पहले 19 मई को अपनी मां का कटा हाथ थर्माकोल बॉक्स में लेकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस कमिश्नर ने मामला जांच के लिए CMO कार्यालय भेज दिया था। शुरुआती जांच रिपोर्ट में न तो साफ वजह सामने आई और न ही कोई कार्रवाई हुई।
इसी बात से नाराज होकर ITBP के जवान शनिवार को अपने अफसरों व वाहनों के काफिले के साथ कमिश्नरेट पहुंच गए। यहां आने के बाद कुछ गाड़ियां सीएमओ आफिस के लिए रवाना हो गईं। गाड़िया साथ मे सीएमओ को लेकर लौटीं। इसके बाद पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल, स्वास्थ्य विभाग और ITBP अधिकारियों के बीच लंबी बातचीत हुई। CMO ने दोबारा जांच के आदेश दिए। अब संयुक्त टीम पूरे मामले की फिर से जांच करेगी। इस बारे में CMO हरिदत्त नेमी ने बताया कि दो वरिष्ठ अधिकारियों की अगुवाई में नई जांच टीम बनाई गई है। टीम अस्पताल पहुंचकर इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज, मेडिकल प्रक्रिया और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज करेगी। उन्होंने कहा कि जांच में ITBP प्रतिनिधियों से भी बातचीत की गई है।

बता दें कि फतेहपुर के हथगाम इलाके के रहने वाले विकास सिंह इस समय महाराजपुर स्थित ITBP की 32वीं बटालियन में तैनात हैं। विकास के मुताबिक उनकी 56 वर्षीय मां को सांस लेने में दिक्कत, कब्ज और कमजोरी की शिकायत थी। पहले उन्हें ITBP अस्पताल में दिखाया गया था, लेकिन तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया।
विकास मां को एम्बुलेंस से लेकर निकले, लेकिन रास्ते में जाम मिलने पर उन्हें टाटमिल स्थित कृष्णा हॉस्पिटल ले जाना पड़ा। आरोप है कि वहां हाथ में लगाया गया इंजेक्शन और कैनुला संक्रमण की वजह बना। हालत बिगड़ने पर अगले दिन उन्हें बिठूर रोड स्थित पारस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने संक्रमण बढ़ने की बात कहते हुए हाथ काटने का फैसला लिया। विकास सिंह का कहना है कि उन्होंने कई डॉक्टरों से यह जानने की कोशिश की कि संक्रमण आखिर कैसे फैला, लेकिन कोई साफ जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि इलाज में लापरवाही की वजह से उनकी मां को हाथ गंवाना पड़ा।
ITBP के लाइजनिंग ऑफिसर अर्पित सिंह ने भी अस्पताल पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी ITBP की एक महिला कांस्टेबल और एक इंस्पेक्टर की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर विपिन ताडा ने कहा कि जवान अपने अधिकारियों के साथ तय समय लेकर आए थे। मेडिकल रिपोर्ट पर उनकी आपत्तियां थीं, जिसके बाद दोबारा जांच के लिए संयुक्त कमेटी बनाई गई है। अब रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।






