Uttar Pradesh

MDM से आगे निकला UP : अब स्कूलों में परोसा जा रहा पोषण, संस्कार और सुनहरा भविष्य

प्रदेश 1.46 करोड़ बच्चों तक रोज पहुंच रहा गर्म और पौष्टिक भोजन, 3.53 लाख रसोइयों को मिला सम्मान और सुरक्षा, पीएम पोषण योजना बनी शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता की नई ताकत

लखनऊ, 23 मई 2026:

यूपी में परिषदीय विद्यालयों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। कभी ‘मिड-डे मील’ तक सीमित मानी जाने वाली योजना अब बच्चों के पोषण, शिक्षा और सामाजिक बदलाव का बड़ा अभियान बन चुकी है।प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना (पीएम पोषण योजना) प्रदेश के करोड़ों बच्चों के जीवन में नई ऊर्जा भर रही है।

प्रदेश के करीब 1.42 लाख राजकीय, परिषदीय और सहायता प्राप्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 1.46 करोड़ से अधिक बच्चों को प्रतिदिन गर्म, ताजा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इस योजना ने बच्चों के स्वास्थ्य और मानसिक विकास को मजबूत करने के साथ विद्यालयों में नामांकन और नियमित उपस्थिति में भी उल्लेखनीय सुधार किया है।

ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं साबित हो रही। कई परिवारों के बच्चों की पढ़ाई अब लगातार जारी है क्योंकि स्कूलों में मिलने वाला पौष्टिक भोजन अभिभावकों का भरोसा बढ़ा रहा है। विद्यालयों में एक साथ बैठकर भोजन करने की व्यवस्था सामाजिक समरसता का भी मजबूत संदेश दे रही है। अलग-अलग वर्गों और समुदायों के बच्चे एक साथ भोजन कर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार कर रहे हैं।

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इस विशाल व्यवस्था को सफल बनाने में प्रदेश की 3.53 लाख से अधिक रसोइयों की अहम भूमिका है। ये रसोइयां हर दिन बच्चों के लिए स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन तैयार कर रही हैं। योगी सरकार ने इनके सम्मान और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार के मानदेय के अतिरिक्त 1000 रुपये अतिरिक्त मानदेय देने का फैसला किया है। इसके साथ ही परिधान मद में 500 रुपये की सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है।

सरकार ने रसोइयों को केवल भोजन बनाने वाली कार्यकर्ता नहीं बल्कि ‘पोषण प्रहरी’ के रूप में पहचान देने की पहल की है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में रसोइया पाक-कला प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जा रहा है। वाराणसी में आयोजित प्रतियोगिता में रसोइयों ने स्वाद, स्वच्छता और पौष्टिकता का शानदार समन्वय प्रस्तुत किया। विजेताओं को सम्मानित कर सरकार ने यह संदेश दिया कि बच्चों का भविष्य संवारने वालों का सम्मान सर्वोपरि है।

प्रदेश सरकार पीएम पोषण योजना में गुणवत्ता और स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। भोजन की नियमित मॉनिटरिंग, रसोइयों का प्रशिक्षण और खाद्य सुरक्षा मानकों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रदेश के स्कूलों में परोसी जा रही थाली भोजन के साथ विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य का मजबूत संकल्प बनती दिखाई दे रही है।

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