लखनऊ, 12 फरवरी 2026:
यूपी में नागरिक उड्डयन और सड़क परिवहन ढांचे को नई ऊंचाई देने के लिए योगी सरकार ने बजट 2026-27 में बड़े पैमाने पर निवेश का एलान किया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विकास के लिए 2,111 करोड़ रुपये का प्रावधान घोषित किया। इसका सबसे बड़ा हिस्सा प्रदेश के महत्वाकांक्षी जेवर अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट के विस्तार और विकास से जुड़ा है।
जेवर एयरपोर्ट में नए निर्माण कार्यों के लिए 750 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पीपीपी मोड पर बन रहे इस एयरपोर्ट के प्रथम चरण का कार्य तेजी से प्रगति पर है। सरकार ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित दो रनवे की संख्या बढ़ाकर पांच रनवे करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही जेवर को केवल एयरपोर्ट तक सीमित न रखते हुए एविएशन इनोवेशन एवं रिसर्च सेंटर तथा रखरखाव एवं ऑपरेशन हब के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे प्रदेश को विमानन क्षेत्र में नई पहचान मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए हवाई पट्टियों के निर्माण, विस्तार, सुदृढ़ीकरण और भूमि अर्जन हेतु 1,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस) के तहत छोटे शहरों और कस्बों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया को और गति मिलेगी।
सड़क परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने पर भी बजट में खास जोर दिया गया है। ई-बसों की खरीद के लिए 400 करोड़ रुपये और बस अड्डों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए 50 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं परिवहन अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए नए बस अड्डों के निर्माण हेतु 150 करोड़ रुपये रखे गए हैं।
सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और आपातकालीन प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री सड़क सेफ्टी विजन योजना के तहत 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इन पहलों से प्रदेश में कनेक्टिविटी बेहतर होगी, निवेश के नए अवसर खुलेंगे और आर्थिक विकास को तेज रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।






