लखनऊ, 12 फरवरी 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ स्थित प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) एक बार फिर महिला रेजीडेंट डॉक्टर से जुड़े गंभीर मामले को लेकर सुर्खियों में है। डॉ. रमीज प्रकरण के बाद अब बाल रोग विभाग के एक एडिशनल प्रोफेसर पर महिला रेजिडेंट डॉक्टर से अभद्रता और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़िता की शिकायत के बाद केजीएमयू प्रशासन ने आरोपी डॉक्टर को निलंबित कर दिया है।
पीड़ित रेजीडेंट डॉक्टर ने आरोप लगाया है कि एडिशनल प्रोफेसर संजीव कुमार ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया और मोबाइल पर बार-बार अनावश्यक व आपत्तिजनक संदेश भेजे। महिला डॉक्टर ने यह शिकायत अपने परिजनों के साथ केजीएमयू प्रशासन से की। इसके बाद बुधवार को सात सदस्यीय विशाखा कमेटी का गठन कर मामले की जांच शुरू की गई।
कमेटी ने पीड़िता के बयान दर्ज किए और आरोपी एडिशनल प्रोफेसर से पूछताछ की। शुरुआती जांच में महिला डॉक्टर के आरोपों को सही पाया गया। विशाखा कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के निर्देश पर आरोपी एडिशनल प्रोफेसर को निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें डीन मेडिसिन कार्यालय से संबद्ध किया गया है।
केजीएमयू के प्रवक्ता ने बताया कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कर रहा है। दोषी पाए जाने पर आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी दोहराया कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मालूम हो कि इससे पहले केजीएमयू के रेजीडेंट डॉक्टर डॉ. रमीज पर यौन शोषण और जबरन धर्मांतरण के आरोप लगे थे। इस मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने केजीएमयू की कार्य संस्कृति और महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






