Lucknow City

मांगों को लेकर विद्युतकर्मी एकजुट… शक्ति भवन पर प्रदर्शन, कुली भी रोड पर उतरे

निजीकरण के मुद्दे पर विद्युतकर्मी भड़के, शक्ति भवन का गेट बंद कर लगाए नारे, कहा-सरकार को कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर साफ नीति अपनानी चाहिए, निजी एजेंसियों के दखल के खिलाफ चारबाग स्टेशन पर कुलियों का प्रदर्शन

लखनऊ, 12 फरवरी 2026:

ऊर्जा संशोधन बिल और बिजली के निजीकरण के विरोध में गुरुवार को राजधानी लखनऊ में बिजली कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के संयोजक शैलेंद्र दुबे की अगुवाई में शक्ति भवन मुख्यालय पर धरना दिया गया। वहीं टेक्नालॉजी के बढ़ते हस्तक्षेप से जीविका संकट में घिरने पर कुलियों ने चारबाग स्टेशन पर प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान निजीकरण नहीं चलेगा और जनसेवा है, निजीकरण नहीं लेबर कोड रद्द करो जैसे नारे लगाए जाते रहे। कर्मचारियों ने कुछ समय के लिए गेट बंद कर विरोध जताया गया। परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात रहा और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। यह हड़ताल केंद्रीय ट्रेड यूनियन फेडरेशन के आह्वान पर की गई।

WhatsApp Image 2026-02-12 at 3.08.33 PM

संघर्ष समिति का कहना है कि बिजली के निजीकरण से उपभोक्ताओं पर बोझ बढ़ेगा और कर्मचारियों की नौकरी खतरे में पड़ेगी। संविदा कर्मियों की छंटनी और उत्पीड़नात्मक कार्रवाई बंद करने की भी मांग की गई। कर्मचारियों ने ओपीएस बहाली का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि सरकार को कर्मचारियों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर साफ नीति अपनानी चाहिए। संघर्ष समिति ने दावा किया कि प्रदेश के सभी जिलों और परियोजनाओं पर बिजली कर्मी हड़ताल में शामिल हुए। कर्मचारियों का कहना है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

इधर, मजदूर संगठनों के आवाहन पर आज ही चारबाग स्टेशन के बाहर कुलियों ने प्रदर्शन किया। इनका कहना था कि निजी एजेंसियां रेल मंत्रालय के निर्देश नहीं मान रहीं हैं। इसका असर उनकी जीविका पर पड़ रहा है। उनका मुख्य जोर बैटरी चलित वाहनों पर अंकुश लगाने को रहा।

WhatsApp Image 2026-02-12 at 3.08.32 PM

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button