लखनऊ, 12 फरवरी 2026:
यूपी विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान गुरुवार को दोनों सदनों में प्रदेश की कानून व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरने की कोशिश की। विधान परिषद में कानून व्यवस्था को लेकर तीखी बहस हुई। इसके बाद सपा के सदस्यों ने वॉक आउट किया। विधानसभा में सपा विधायक रागिनी सोनकर और मंत्री नंद गोपाल नंदी के बीच कानून-व्यवस्था को लेकर तीखी बहस देखने को मिली।
रागिनी सोनकर ने सदन में कहा कि सरकार असुर बन चुकी है जिसकी खुराक प्रदेश की महिलाएं, युवा, बेरोजगार व किसान बन चुके हैं। उन्होंने प्रयागराज में मकर संक्रांति के दौरान चार युवकों की दर्दनाक मौत को भी उठाया। सवाल किया कि कैसे पुलिस यह मान सकती है कि वे नग्न होकर गंदे तालाब में नहा रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपी कस्टोडियल मौतों के मामले में शीर्ष पर पहुंच गया है और कोर्ट भी सरकार को तंज कस रहा है।

इस पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष को जवाब देते हुए एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के आंकड़ों को उद्धृत किया और दावा किया कि प्रदेश में अधिकांश अपराधों के मामलों में कमी दर्ज की गई है। यूपी अब तेलंगाना और उड़ीसा जैसे राज्यों से भी बेहतर स्थिति में है। प्रयागराज घटना पर मंत्री ने कहा कि जांच में यह साबित हुआ कि मौत डूबने से हुई और संबंधित परिवारों को 4-4 लाख रुपये मदद तथा आवास की भी व्यवस्था की गई।
विधान परिषद में कानून-व्यवस्था पर चर्चा के दौरान सपा के एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने सरकार की नीतियों पर जमकर हमला बोला। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा पर निशाना साधते हुए कहा कि अस्पताल और बुनियादी ढांचे का निर्माण सिर्फ बिल्डिंग बनाकर नहीं होता बल्कि उसे पारदर्शी और सुचारू रूप से चलाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगर ये अस्पताल बनाते हैं तो ठेका चाचा और भतीजे को दे देते हैं। बिल्डिंग बनाकर लूटने का काम किया। इनके नेता का यही कल्चर है।

मालूम हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को बजट पेश करते हुए बजट वर्ष 2026-27 की उपलब्धियों को गिनाया और पिछले नौ सालों में बजट को तीन गुना बढ़ाने तथा कर्ज कम करने का दावा किया। सरकार ने साथ ही यह भी बताया कि कोई नया कर नहीं लगाया गया है।






