वाराणसी, 15 फरवरी 2026:
शिवभक्तों की आस्था के पर्व महाशिवरात्रि पर रविवार सुबह से ही काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंगला आरती के बाद से लेकर सुबह 10 बजे के बाद तक करीब पांच लाख भक्तों ने बाबा के दरबार में दर्शन और पूजन किया। मंदिर हर हर महादेव और बम बम भोले के जयघोष से गूंजता रहा।
काशी विश्वनाथ धाम को रात में ही फूलों से सजा दिया गया। सुबह होने से पहले ही श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगनी शुरू हो गई थीं। दूरदराज जिलों और दूसरे राज्यों से आए लोग परिवार के साथ घंटों इंतजार कर दर्शन के लिए आगे बढ़ते रहे। बड़ी संख्या में भक्त जलाभिषेक और रुद्राभिषेक के लिए पूजन सामग्री लेकर पहुंचे।

भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी की गई। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग की गई और प्रवेश व निकास के अलग मार्ग बनाए गए। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए जाते रहे।
मंदिर परिसर में खोया पाया केंद्र सक्रिय रखा गया, जहां से लगातार घोषणाएं कर बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाया गया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक उपचार केंद्र भी स्थापित किए गए ताकि किसी श्रद्धालु को परेशानी होने पर तुरंत मदद मिल सके। मंदिर प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए 15 और 16 फरवरी के लिए ऑनलाइन दर्शन बुकिंग अस्थायी रूप से रोक दी गई है। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।






